NEET UG EXAM 2026: आज बात करेंगे उन 22 लाख परिवारों की..एक करोड़ लोगों के दर्द की …और 147 करोड़ से अधिक की आबादी वाले भारत के भरोसे की…जो नीट का पेपर लीक की ख़बर के बाद परीक्षा रद होते ही चकनाचूर हो गई.
हां, हम बात कर रहे हैं NEET-UG परीक्षा 2026 के रद होने की…
जिस स्टूडेंट्स का पेपर अच्छा हुआ था… वो आज गुस्से में हैं..गहरी पीड़ा और भारी तकलीफ़ में है… जो बच्चे डॉक्टर बनने जा रहे थे… उनका सपना टूटा है.. वे भारी मानसिक दबाव में हैं. डिप्रेशन में हैं.
उन सबके परिवार वाले भी दुखी हैं… कि न जानें अगली बार एग्ज़ाम कैसा होगा.
वहीं आए दिन पेपर लीक से आम आदमी, समाज और बच्चों का पूरे सिस्टम से भरोसा हिल रहा है.
बता दें कि बीते 3 मई को देश-विदेश के 5,400 से ज्यादा केंद्रों पर हुई नीट-यूजी परीक्षा में 22 लाख से अधिक स्टूडेंट्स शामिल हुए थे.
पेपर लीक के बाद अब एक्ज़ाम रद हो गया है. सीबीआई जांच भी बैठा दी गई है. परीक्षा की नई तारीखें जल्द घोषित होगी.
MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए होने वाली सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा NEET (UG) 2026 में पेपर लीक को लेकर भले ही जांच …CBI को सौंप दी गई हो, मगर इसका असर लोगों पर दिख रहा है. देश भुगत रहा है. सिस्टम से लोगों का भरोसा टूट रहा है.
गौर करें तो पेपर लीक तभी होते हैं, जब अंदर कोई गद्दार होता है. कोई लॉबी होती है, सिंडिकेट होता है. जो सिस्टम को हाइजैक करने की ताक़त रखता है.
ऐसी ताक़तें न सिर्फ बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करती हैं. बल्कि देश की साख पर बट्टा लगाती हैं.
आज देश के लाखों घरों में एक ही सवाल गूंज रहा है
क्या देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा अब भरोसे के लायक नहीं बची?
नीट परीक्षा रद्द हो चुकी है. तो सवाल उठता है कि अगर नीट जैसी परीक्षा सुरक्षित नहीं,
तो फिर कौन-सी परीक्षा सुरक्षित है?
ऐसे में अगर मेहनत से ज़्यादा
सिस्टम की खामियां हावी हों,
तो देश का मेरिट सिस्टम किस दिशा में जा रहा है?
इसको लेकर सरकार और संस्थाओं का अब ज़वाब चाहिए, बयान नहीं
क्या सरकार को नहीं चाहिए कि ऐसे लोगों और संस्थाओं के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुक़दमा चलाए… और दोषियों को कठोर से कठोर दंड दे.
