Tuesday, April 28, 2026
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सांसद राघव चड्ढा के ज़ख्म अभी भरे नहीं – Raghav Chaddha

Raghav Chaddha: आज हम बात करेंगे आप छोड़कर बीजेपी में गए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की. उनके दर्द की ज़ख्मों.

वहीं ये भी बताएंगे कि आप अपने इस गद्दार को क्यों नहीं भुला पा रही है.

पहले, राघव चड्ढा की बात करते हैं. राघव सीए की जमी-जमाई नौकरी छोड़कर भारतीय पॉलिटिक्स में आए थे.

उनके अपने सपने थे. पार्टी को अपने खून पसीने से सींचा. जब फल खाने का मौका आया, तो ये पीछे छूट गए.

अब चड्ढा कह रहे हैं कि पार्टी का माहौल ज़हरीला था. कुछ भ्रष्टाचारियों के हाथ में आप फंसी थी.

इन सब को लेकर राघव ने खुद कहा कि जहां आप नौकरी करते हैं, वहां आपको काम करने से रोका जाए, आपकी मेहनत को दबाया जाए, चुप कराया जाए तो आप क्या काम कर पाएंगे.

वहीं आप राघव चड्ढा को बेनक़ाब कर रही है. उनको एहसान फरामोश बताते हुए ‘गद्दार’ के रूप में पेश कर रही है.

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने तो यहां तक कह दिया कहा कि चड्ढा की एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा से शादी ही इसलिए हो पाई, क्योंकि आप ने उन्हें राज्यसभा एमपी बनाया था.

वहीं ज़हरीले माहौल में राघव के नौकरी वाले बयान का आप ने पोस्टमार्टम किया है.
अरविंद केजरीवाल की आप कहती है कि नौकरी बदलने से पहले नोटिस दिया जाता है, बर्बाद करने की साज़िश रची नहीं जाती.

आप, राघव चड्ढा को आईना दिखा रही है. और कह रही है कि जब नौकरी बदलते हैं तो विचारधारा से सरोकार नहीं होता. पार्टी में लोग विचारधारा की वज़ह से जुड़ते हैं.

नौकरी छोड़ते समय इंप्लाई नोटिस देता है, राघव चड्ढा के पास शायद इसका ज़वाब न हो.

आप के साथ रहते हुए अलग छवि बनाने की राघव चड्ढा ने भरपूर कोशिश की.जनसरोकार के मुद्दे उठाए, मगर पार्टी के मुद्दों को डस्टबिन में डाल दिया.

निस्संदेह इसमें भाजपा को फायदा उठाना ही था. या बीजेपी की स्क्रिप्ट पर ही राघव चड्ढा ने एक्टिंग की हो.

आप सोचिए, अगर कोई पॉलिटिशियन ईडी के शिकंजे से डर जाए, तो क्या आपको लगता कि दाल पूरी की पूरी पीली रही होगा. यहां दाल में काला तो ज़रूर रहा ही होगा.

ऐसे में ये तो तय था कि राघव का आप में रहने पर उनका अभिमन्यु जैसा हाल हो सकता था. अगर राजनीति छोड़ते तो उनके सपने टूट जाते.

ऐसे में चड्ढा ने बीते डेढ़ दशकों में जो कुछ सीखा. उसी कला का इस्तेमाल कर केजरीवाल एंड कंपनी के पैरों के नीचे की ज़मीन खिसका दी.

अब आप सोचिए कौन कितना सही है.

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