आज हम चर्चा करेंगे पश्चिम बंगाल की.
ममता बनर्जी की
नरेंद्र मोदी की
अमित शाह की
और बंगाल के भविष्य की
साथ ही बात करेंगे सिंडिकेट राज की…कट मनी की… गुंडा राज की… करप्शन की…
बीजेपी बंगाल से ममता बनर्जी की विदाई चाहती है. और टीएमसी बीजेपी के रथ को पश्चिम बंगाल में घुसने नहीं देना चाहती.
सिंडिकेट राज…कट मनी… करप्शन मुद्दों को हथियार बनाकर भारतीय जनता पार्टी …टीएमसी के ममता राज को उखाड़ फेंकना चाहती है.
वहीं लगातार चौथी बार बंगाल की सत्ता बरकरार रखने के लिए ममता बनर्जी ने तगड़ी तैयार कर रखी है.
उधर भाजपा दिग्गज प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर काफी आक्रामक हैं.
मोदी और शाह की जोड़ी ममता के खिलाफ राज्य में सुरक्षा, विकास, घुसपैठ, अराजकता और महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं का मुद्दा बनाकर सत्ता पाना चाहती है.
वहीं ममता बनर्जी… भाजपा के खिलाफ उसकी विभाजनकारी राजनीति, ईडी-सीबीआई के दुरुपयोग, केंद्र सरकार के बंगाल विरोधी रवैये जैसे मुद्दे को भाजपा को घेर रही हैं.
ममता सीधे-सीधे कह रही हैं कि भाजपा बंगाल और उसके कल्चर के लिए नुकसानदायक है. वो बंगाल को विभाजित करना चाहती है. बंगाली भाषी लोगों पर अन्य राज्यों में हमले करवा रही है.
इसके साथ ही ममता बनर्जी वोटर लिस्ट को लेकर भी भाजपा पर हमलावर हैं. उन्होंने एसआईआर यानी सर के ज़रिए बीजेपी पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया है.
अब जानते हैं कि पश्चिम बंगाल में सिंडिकेट राज और कट मनी के बारे में…बीजेपी कहती है बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के शासन के तहत भ्रष्टाचार चरम पर है.
इसमें स्थानीय नेता और सिंडिकेट यानी सरकार से जुड़े लोग मिलकर निर्माण सामग्री ईंट, मोरंग, बालू, सीमेंट सरिया जैसी चीजों पर निर्माण शुरू करने से पहले ही जबरन कमीशन लेते हैं…
आरोप ये भी है कि सरकारी अनुदानों में काम शुरू करने के लिए जबरन कमीशन जिसे बंगाल में “कट मनी” कहा जाता है, उसकी वसूली करते हैं.
ममता बनर्जी ने वाममोर्चा के 34 साल पुराने शासन को खत्म किया था…अब बीजेपी पश्चिम बंगाल से टीएमसी की विदाई चाहती है. लेकिन बड़ा सवाल…
क्या तृणमूल कांग्रेस का जादू भाजपा ख़त्म कर पाएगी. इंतज़ार करिए.. तैयारी रखिए. 4 मई आने वाला है. जश्न किसी भी खेमे में मन सकता है.
