Assembly Election: आज हम बात करेंगे इस महीने होने वाले 5 राज्यों के असेंबली चुनाव की…
सबसे पहले वोटिंग कब होगी और नतीजे कब आएंगे..
चुनाव आयोग …असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव करा रहा है.
असम, केरल और पुडुचेरी में एक ही फेज में 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे.
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा.
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.
वहीं मतगणना एक साथ 4 मई को होगी.
अब जानिए चुनावी राज्यों में सीटें कितनी हैं…
असम में 126 विधानसभा सीटें हैं,
केरल में 140 असेंबली सीटें हैं.
तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटें हैं.
पश्चिम बंगाल: 294 सीटें हैं.
और पुडुचेरी में विधानसभा की 30 सीटें हैं.
अब इन राज्यों के चुनावी हालात पर नजर दौड़ाते हैं..
बात असम से शुरू करते हैं. असम में चुनाव सिर्फ सरकार नहीं बनाती, बल्कि… पहचान और भरोसे का फैसला करती है. यहां कांग्रेस बनाम बीजेपी की लड़ाई है. क्षेत्रीय दल भी निर्णायक भूमिका में हैं. यहां बीजेपी की सरकार है. यहां रोज़गार, बाढ़, चाय बागान मजदूर और नागरिकता जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ा जा रहा है.
अब बात केरल की..यहां पर वामदल के नेतृत्व वाला गठबंधन एलडीएफ सत्ता में है. अबकी बार यहां एलडीएफ का मुकाबला कांग्रेस वाले गठबंधन यूडीएफ और बीजेपी से है. यहां का वोटर सवाल पूछता है, आंकड़े देखता है और फिर फैसला करता है.
वहीं तमिलनाडु में डीएमके और एआईएडीएमके में लड़ाई है. हालांकि बीजेपी भी पूरा जोर लगा रही है. यहां
भाषा, सामाजिक न्याय और कल्याणकारी योजनाओं पर सरकारें बनने का रिवाज़ रहा है.
पुडुचेरी की बात तो ये छोटा राज्य है, मगर बड़ा संदेश देता है.
यहां सरकारें गठबंधन और विश्वास पर टिकी रहती हैं …स्थानीय मुद्दे, प्रशासन और केंद्र-राज्य संबंध यहां
चुनावी गणित तय करते हैं.
और अब पश्चिम बंगाल की बात …यहां राजनीति.. विचारधारा से लेकर सड़क तक उतरती है.
यहां बीजेपी आक्रामक है, जो सत्ताधारी टीएमसी के लिए बड़ी चुनौती है.
यहां चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं,
राजनीतिक दिशा और सांस्कृतिक पहचान का जनादेश होता है.
कुल मिलाकर…ये 5 राज्य हैं,
लेकिन यहां वोट… सिर्फ …पार्टी को नहीं,
भविष्य की उम्मीद… पर पड़ते हैं.
“इन चुनावों के नतीजे 2029 के लोकसभा चुनाव की सियासी ज़मीन भी तैयार करेंगे…”
