Oil Gas Crisis: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत सरकार ने रणनीतिक कदम उठाया है। इसको लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ पीएम नरेंद्र मोदी ने मौजूदा हालात पर चर्चा की है। और उसके कन्कलूजन पर अमल करने पर जोर दिया है.
इस बैठक में कई कड़े निर्देश दिए गए हैं. राज्यों से कहा गया है कि वे जमाखोरी व मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाएं.
गलत सूचना और अफवाहें फैलने वालों के साथ सख्ती से निपटें…
मोदी ने देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि बिगड़ते हालात में भी पैनिक होने की कोई ज़रूरत नहीं है, हालात कंट्रोल में हैं.
इसके साथ ही पीएम ने केंद्र और राज्यों के बीच कोऑर्डिनेशन सिस्टम बनाने पर जोर दिया ..
दरअसल, पश्चिम एशिया …भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। यहीं से भारत कच्चा तेल, उर्वरक और अन्य सामान मंगाता है…
आज यूएस-इजरायल-ईरान वॉर का असर ईंधन पर पड़ रहा है… LPG, उर्वरक और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है…
गैस और तेल की किल्लत से लोग बेहाल हो रहे हैं. सामान महंगा हो रहा है…
संक्षेप में कहें …तो इन चुनौतियों को लेकर केंद्र सरकार पहले से अलर्ट मोड में है…अब प्रधानमंत्री ने भी मुख्यमंत्रियों को भरोसा दिलाया कि देश में पेट्रोल, डीज़ल और LPG की कमी नहीं है…
प्रधानमंत्री ने इस पूरे संकट को
एक बार फिर ‘टीम इंडिया’ की भावना से देखने की अपील की।
उन्होंने संसद में पहले दिए अपने बयान की याद दिलाई—
जब उन्होंने कहा था कि
जिस तरह कोविड-19 महामारी के दौरान
केंद्र और राज्यों ने मिलकर अभूतपूर्व काम किया था…
आज फिर उसी एकजुटता की ज़रूरत है।
याद दिला दें—मार्च 2020 में जब पूरी दुनिया ठहर गई थी,
तब भी पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ
लगातार बैठकें कर हालात को संभाला था।
और आज, एक बार फिर संदेश वही है—
हालात चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं,
लेकिन भारत तैयार है। और घबराने की कोई वजह नहीं है।
इसलिए पैनिक न हों…
मगर सिर्फ सरकारों के भरोसे ना रहे…
अपनी खुद की भी तैयारी रखें…घर, बच्चे और परिवार के ऊपर आने वाली मुसीबतों से निपटने के लिए प्रिपेयर रहें..
जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ आवाज उठाएं…
अफवाहों पर ध्यान न दें…
सतर्क रहे…घबराएं नहीं…
….बहुत से दौर देखें हैं…
ये भी दौर देख लेंगे…
…यहां एक लाइन आपके लिए गुनगुनाएंगे…
डगर है मुश्किल …कठिन सफर है…
मगर मुसाफिर जगा नहीं है…
लेकिन आप तो जगे हुए हैं…इसलिए चिंता की कोी बात नहीं है…
