नई दिल्ली, 15 मार्च 2026: चुनाव आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों (assembly election) की तारीख़ों का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही सभी संबंधित राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर यह जानकारी दी।
किस राज्य में कब होगा मतदान
चुनाव आयोग के अनुसार—
- असम, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान
- तमिलनाडु में एक चरण में 23 अप्रैल को मतदान
- पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा
उपचुनाव की तारीख़ें भी घोषित
अलग-अलग राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी कराए जाएंगे।
9 अप्रैल को उपचुनाव
- गोवा: पोंडा
- कर्नाटक: बागलकोट, दावणगेरे साउथ
- नगालैंड: कोरिडांग
- त्रिपुरा: धर्मनगर
23 अप्रैल को उपचुनाव
- गुजरात: उमरेठ
- महाराष्ट्र: राहुरी, बारामती
वोटों की गिनती कब होगी
सभी राज्यों की विधानसभा सीटों और उपचुनावों के लिए डाले गए वोटों की गिनती 4 मई 2026 को की जाएगी।
असम: अल्पसंख्यक मुद्दों के बीच चुनावी मुकाबला
126 सीटों वाली असम विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 20 मई 2026 को समाप्त हो रहा है।
राज्य में बीजेपी और उसके नेतृत्व वाला एनडीए एक बार फिर सत्ता में वापसी की कोशिश में है।
बीते कुछ समय से राज्य में अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दे चर्चा में हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अपने बयानों को लेकर कई बार विवादों में रहे हैं।
वहीं कांग्रेस ने सत्ता में वापसी के लिए रणनीति तेज़ कर दी है और प्रियंका गांधी को स्क्रीनिंग कमेटी की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।
पश्चिम बंगाल: सबसे बड़ा सियासी संग्राम
294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में इस समय तृणमूल कांग्रेस सत्ता में है।
राज्य में बहुमत का आंकड़ा 148 सीटों का है, जबकि टीएमसी के पास 223 सीटें हैं।
इस चुनाव को राज्य का सबसे बड़ा राजनीतिक मुक़ाबला माना जा रहा है।
एक तरफ लगातार तीसरी बार सत्ता बचाने की कोशिश में ममता बनर्जी हैं, तो दूसरी ओर बीजेपी पूरी ताक़त से मैदान में उतरी है।
इसके अलावा, हुमायूं कबीर द्वारा बनाई गई नई पार्टी के असर पर भी सभी की नज़रें टिकी हैं।
तमिलनाडु: Assembly Election में डिलिमिटेशन बना बड़ा मुद्दा
234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में पिछली बार डीएमके गठबंधन ने बड़ी जीत दर्ज की थी।
राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस चुनाव में डिलिमिटेशन को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाया है।
बीजेपी यहां अपनी राजनीतिक मौजूदगी मज़बूत करने की कोशिश में है। पार्टी का प्रदर्शन दक्षिण भारत में उसकी आगे की रणनीति तय कर सकता है।
केरल: एलडीएफ बनाम यूडीएफ, बीजेपी की चुनौती
140 सीटों वाली केरल विधानसभा में साल 2021 में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने जीत हासिल की थी।
इस बार भी एलडीएफ और कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है।
बीजेपी के लिए केरल चुनाव बेहद अहम हैं, हालांकि पिछले चुनाव में पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली थी।
पुडुचेरी: 30 सीटों वाला अहम केंद्र शासित प्रदेश
पुडुचेरी विधानसभा में कुल 30 सीटें हैं।
साल 2021 के चुनाव में बीजेपी, एआईएनआरसी और डीएमके के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला था।
इस बार भी यहां दिलचस्प राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है।
