Indo-Pak Tension: पाकिस्तान तोपों से पाट रहा LoC !
भारतीय सीमा पर फैला तनाव ! बड़े पैमाने पर PAK तैनात कर रहा तोपें ! पाकिस्तान ने LoC पर तैनात की तोपें !
पाकिस्तान ने मंगाई हैं चीन से तोपें ! 250 हॉवित्जर तोपें 72 KM तक दागेंगी गोला !
आज बात करते हैं पाकिस्तान की…उसके नापाक इरादों की…और इंडियन बॉर्डर पर तैनात की गईं 250 ख़तरनाक चीनी तोपों कीं…
महज़ एक साल ही बीते हैं …पाकिस्तान घुटनों पर था …गिड़गिड़ा रहा था…पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर ने उसका दम निकाल दिया था…

वह वो दौर था, जब ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पीओके और पाकिस्तान के अंदर बने कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था. कई ख़तरनाक टेरेरिस्ट मारे गए थे.
अब फिर से फिर सिर उठा रहा है. भारतीय बॉर्डर पर सैन्य साजो-सामान में इज़ाफ़ा कर रहा है. ख़बर तो ये है कि उसने भारतीय सीमा पर 250 ताक़तवर चीनी तोपें तैनात कर दी हैं.
ये तोपें चीन में बनी 250 एसएच-15 हॉवित्जर हैं. हॉवित्जर तोपें 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रसकती हैं. इतना ही नहीं ये 72 किमी तक गोला दाग सकती हैं.
अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आने वाला पाकिस्तान …भारतीय सीमा पर टेंशन बढ़ा रहा है. अपनी आर्मी को तोपों के साथ डेप्लॉय कर रहा है. उसकी इस हरक़त में चीन उसकी पूरी मदद कर रहा है.
इंडिया टुडे के मुताबिक पाकिस्तान सेना ने भारत के साथ अपनी पूर्वी सीमा के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 155 एमएम तोपखाने को व्यवस्थित रूप से तैनात करना शुरू कर दिया है. यह सीमा उत्तर से दक्षिण तक फैली हुई है.
बीते साल ज़मीन, आसमान और पानी में मात खाने वाले इस्लामाबाद अपने सशस्त्र बलों को लगातार आधुनिक बनाने में जुटा हुआ है. इस बीच वो अपने तोपों की तैनाती इंडियन बॉर्डर पर कर रहा है, जो सामान्य बात नहीं है.
अब बात करते हैं एसएच-15 तोपों की ताक़त की…
चीन की बनीं एसएच-15 हॉवित्जर तोपें सड़क पर 90 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं. इतना ही नहीं मुश्किल जगहों पर इसे ज़ल्दी से सेट किया जा सकता है.
इससे गोला-बारूद को 40 किलोमीटर की दूरी तक फायर किया जा सकता है.
वहीं दावा किया जाता है कि इस तोप से 72 किलोमीटर तक के टारगेट को बखूबी हिट कर सकते हैं.
सीमा पर तैनाती से भारत के कई सैन्य ठिकाने, लॉजिस्टिक रूट और चौकियां इनकी रेंज में आ सकते हैं.
वहीं इस्लामाबाद का यह कदम चीन-पाकिस्तान रक्षा साझेदारी को और गहरा कर रहा है. जो भारत के लिए ठीक नहीं है.
इंडिया के लिए यह चुनौती इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि SH-15 तोपों की शूट-एंड-स्कूट क्षमता काउंटर-बैटरी फायर को मुश्किल बनाती है.
