HEAT STROKE: आज बात करते हैं भीषण गर्मी में अगर अचानक सिर दर्द, थकान और बेहोशी जैसी हालत हो जाए तो क्या करना चाहिए …और हीट स्ट्रोक और लू से बचने के लिए क्या नहीं करना चाहिए…
गौर करें तो डॉक्टर से लेकर सरकार तक …प्रशासन से लेकर घर के बड़े-बुजुर्ग तक ..इस प्रचंड गर्मी और इससे होने वाली परेशानियों को लेकर सतर्क कर रहे हैं. सलाह दे रहे हैं.
ऐसे में बेइंतहा गर्मी और लू को कतई हल्के में ना लें… इसे गंभीरता से लें. सावधानी अपनाएं. बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, पहले से बीमार व्यक्तियों के साथ अपना भी पूरा ख्याल रखें.
ऐसे में इस भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से बचने के लिए कुछ बातों पर अमल करना ज़रूरी है..
दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक अगर अत्यधिक ज़रूरी न हो, तो घरों में ही कैद रहें. बाहर न निकलें.
अगर बाहर निकलना भी पड़े, तो सिर को टोपी से ढकें.. गमछा या कपड़े से बांधकर रखें.
प्यास लगी हो या ना लगी हो..ख़ूब पानी पीते रहें
इस तरह से अपनी हैसियत और ज़रूरत के हिसाब से ORS, नींबू पानी, छाछ, लस्सी और अन्य तरल पदार्थ भी समय-समय पर लेते रहें.
सूरज की तपिश से बचने के लिए हल्के रंग के कपड़े पहनें, संभव हो तो सूती कपड़ों का इस्तेमाल करें.
धूप में जब भी निकलें …छाता या कपड़े का उपयोग करें.
बच्चों- बुजुर्गों को बंद वाहनों में कतई अकेला न छोड़ें
खेतों और निर्माण कार्यों में लगे मज़दूर समय-समय पर छायादार जगहों पर विश्राम ज़रूर करें.
घरों और ऑफिस में पर्याप्त वेंटिलेशन और पीने के पानी की व्यवस्था रखें.
पशुओं के लिए भी पानी और छायादार जगह ढूंढ़ें..
इसके साथ ही क्या नहीं करना है, वो भी जान लेते हैं,
खाली पेट तेज धूप में बाहर न जाएं.
अधिक तले-भुने, मसालेदार और बासी भोजन न करें.
शराब, अत्यधिक चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों का सेवन कम करें.
लंबे समय तक धूप में लगातार काम न करें.
छोटे बच्चों और बुजुर्गों को अधिक देर तक खुले में न रहने दें.
इसी के साथ जानते हैं कि लू लगने के लक्षण क्या हैं.
यदि किसी को तेज बुखार है. चक्कर आ रहा है. सिर दर्द है. उल्टी आ रही हो या जी मिचला रहा है.
अत्यधिक कमज़ोरी महसूस हो रही है. बेहोशी अथवा भ्रम की स्थिति हो रही है तो फौरन प्राथमिक उपचार करें…
अगर किसी को लू लग जाए, तो तुरंत उसे छायादार और ठंडी जगह पर लिटाएं.
शरीर और सिर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें.
पंखा, कूलर और हवा की व्यवस्था करें.
यदि व्यक्ति होश में हो, तो उसे तुरंत ORS या ठंडा पानी पिलाएं.
स्थिति गंभीर होने पर नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाएं. लापरवाही न करें..
गौर करें तो भीषण गर्मी की वज़ह से कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं.
अत्यधिक टेंपरेचर बढ़ने से लू लग सकती है.
बच्चे, बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है.
खेतों और खुले स्थानों पर कार्य करने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है.
अत्यधिक पसीना आने से डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी और सॉल्ट दोनों की कमी हो सकती है.
गर्मी से चक्कर आ सकते हैं., उल्टी और सिर दर्द हो सकता है., थकान और बेहोशी आ सकती है.
इतना ही नहीं इंसानों के साथ पशु-पक्षियों पर भी गर्मी का बुरा असर पड़ता है.
गर्मी और लू से संभल कर रहें.. लोगों को भी जागरूक करें…खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखें.
