Tuesday, August 4, 2026
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‘Gen Z’ ने बिहार और MP में BJP को डुबोया ! – Bypoll 2026

Bypoll 2026- ‘Gen Z’ ने बिहार और MP में BJP को डुबोया !

तीन राज्यों में हुए असेंबली उपचुनाव में भाजपा को तीन में से सिर्फ एक सीट मिली. बिहार और एमपी की सीट बीजेपी हार गई. सिर्फ गुजरात में एक जीत मिली.

आज बात करेंगे बिहार से एमपी तक में बीजेपी को मिली करारी हार की… बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर के करिश्मे की…और दतिया में बेदम हुई भाजपा की…

असेंबली उपचुनाव में बिहार के बांकीपुर में तीन दशक पुराना बीजेपी का किला ढह गया.

जनसुराज के सर्वेसर्वा प्रशांत किशोर उर्फ पीके की जीत ने नया संदेश दिया है. बिहार में नई उम्मीद जगी है.

वहीं एमपी के दतिया में हाशिए पर चल रही कांग्रेस ने सत्ताधारी भाजपा के कमबैक प्लान को फेल कर दिया है.

इस तरह से तीन राज्यों में हुए असेंबली उपचुनाव के नतीजों ने पॉलिटिक्स के नए संकेत दिए हैं. भाजपा तीन में से एक सीट ही सीट पाई है और वो भी गुजरात में …

बिहार में बीजेपी के गढ़ बांकीपुर में पीके की नई नवेली पार्टी जनसुराज ने कमल को उखाड़ फेंके. एक्सपर्ट तो खुल कर रहे हैं कि Generation Z ने बीजेपी की जड़ में मट्ठा डाला है.

मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर भाजपा का कमल, कहीं से कमाल नहीं कर पाया. हालांकि गुजरात से बीजेपी के लिए राहत भरी ख़बर रही. इस तरह से इस उपचुनाव में बीजेपी, कांग्रेस और जनसुराज को एक-एक सीटें मिली हैं.

वैसे तो इन तीन सीटों के उपचुनाव के नतीजों से किसी भी सरकार की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है, लेकिन इन नतीजों ने जो संदेश दिया है, उसका असर दूर तलक जाएगा.

बिहार में हार बीजेपी को हज़म नहीं होने वाली है. यहां कुछ महीने पहले ही उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन यहां 50 हज़ार से ज्यादा वोटों से जीते थे. 1995 से बीजेपी यहां से कभी नहीं हारी थी.

वहीं बांकीपुर फतह के बाद प्रशांत किशोर की चुनावी यात्रा शुरू हो गई है. पहले वो चुनाव लड़वाते थे. पहली बार चुनाव लड़े और विधायक बन गए हैं.

आख़िर बीजेपी हारी क्यों ?
जेनजी के आंदोलन का असर पड़ा.
अतिआत्मविश्वास को हार की वज़ह बनी.
UGC मुद्दे पर अगड़े वर्ग की नाराज़गी से नुकसान
भरत तिवारी एनकाउंटर से कोर वोटर नाराज़ हुए.
सीएम सम्राट चौधरी के खिलाफ बने माहौल का असर चुनाव में दिखा.
प्रशांत किशोर की छवि और उनके मुद्दों को जनता का समर्थन मिला.
कांग्रेस और आरजेडी का वोट प्रशांत किशोर के पक्ष में गया.
चुनाव में जातीय समीकरण फेल हो गया.
मुद्दों और उम्मीदवार को प्राथमिकता मिली.

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