आज हम बात करेंगे 12 दिन की हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की …उसकी मांगों की …उसके सपनों की …और लोगों के उम्मीदों की…
जब हम तपिश झेल रहे होते हैं, गर्मी बर्दाश्त नहीं होती, तो चंद बूंदें और फव्वारे हमको बहुत सुकून देते हैं…ऐसे में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ जले-भुने लोगों के लिए ऐसा ही कुछ बनकर आई है…लोगों को कुछ ऐसा ही महसूस हो रहा है…
सभी जानते हैं कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया आंदोलन है, जो सुुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कुछ बेरोज़गार युवाओं की तुलना तिलचट्टे यानी ‘कॉकरोच’ से की थी.
13 दिन पहले 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी की थी. इससे आहत होकर हिंंदुस्तान से हजारों मील दूर अमेरिका में बैठे अभिजीत दीपके ने 16 मई को सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की घोषणा की. अब ये पार्टी इतिहास रच रही है.
अब इंटरनेट पर इसके नाम से कई वेबसाइटें और सोशल मीडिया एकाउंट बन चुके हैं. इनसे जुड़ने की सुनामी आई हुई है. हैरानी की बात ये है कि शुरुआती 5 दिन के अंदर ही सीजेपी के इंस्टाग्राम एकाउंट पर दो करोड़ से ज्यादा फ़ॉलोअर्स हो गए, जो कांग्रेस और बीजेपी जैसी पार्टियों से बहुत ज्यादा है.
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके हैं, जो अमेरिका में रहकर ये कारनामा कर रहे हैं, जो हमारे हजारों विपक्षी नेता नहीं कर पा रहे हैं.
सीजेपी के सोशल मीडिया कैंपेन के आइडिया पर अभिजीत कहते हैं कि जब सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत देश के युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर रहे थे. उसी के बाद इस कैंपेन का फैसला लिया.
कॉकरोच जनता पार्टी सभी नागरिकों के लिए मुफ़्त WiFi की मांग कर रही है.
दोपहर की झपकी अनिवार्य करने की वकालत कर रही है.
संसद में हर हफ़्ते भड़ास सेशन की मांग उठा रही है
Resume में gaps पर सवाल न उठाए जाने की अपील कर रही है
और आलस को जीवनशैली के तौर पर वैधानिक मान्यता की डिमांड कर रही है.
कॉकरोच जनता पार्टी सीजेपी भारत में एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक दल है. CJP बेरोज़गार, आलसी और भटके हुए नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने का दावा कर रही है.
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या करोड़ों लोगों का सिस्टम और सरकार से भरोसा उठ गया है. और विपक्ष को इसके लायक नहीं समझ रहा है…आप भी विचार करिएगा.
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