Saturday, June 22, 2024
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One Nation One Election कमेटी का हिस्सा नहीं बनेंगे अधीर रंजन चौधरी

One Nation One Election का हिस्सा नहीं बनेंगे कांग्रेसी अधीर

समिति में शामिल होने से इनकार, शाह को गिन-गिनकर बताई वज़ह

देश में एक साथ चुनाव कराने के लिए बनाई गई है ये कमेटी

लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के लिए बनी कमेटी

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविद हैं इस चुनाव कमेटी के अध्यक्ष

समिति के गठन में अधीर रंजन चौधरी को धोखे की आ रही बू

One Nation One Election: कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने एक देश-एक चुनाव को लेकर केंद्र सरकार की ओर से गठित आठ सदस्यीय समिति का हिस्सा बनने से मना कर दिया है। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे खत में अधीर रंजन चौधरी ने कहाकि मुझे उस समिति में काम करने से इनकार करने में कोई झिझक नहीं है जिसके संदर्भ की शर्तें इसके निष्कर्षों की गारंटी के लिए तैयार की गई हैं।

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने एक देश-एक चुनाव को लेकर केंद्र सरकार की ओर से गठित 8 सदस्यीय समिति का हिस्सा बनने से मना कर दिया है। चौधरी ने गृहमंत्री अमित शाह को भी इस बारे में पत्र लिखकर जानकारी दी है। दरअसल, केंद्र सरकार ने शनिवार को देश में एक साथ चुनाव कराने की संभावना की जांच के लिए 8 सदस्यीय समिति का गठन किया था। 

गृहमंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के लिए उन्हें उच्च स्तरीय समिति में शामिल किया गया है। मुझे इस समिति में काम करने में कोई झिझक नहीं है, लेकिन मुझे डर है कि यह एक धोखा है। 

उन्होंने कहाकि आम चुनावों से कुछ महीने पहले गैर व्यावहारिक विचार को देश पर थोपा जा रहा है। सरकार द्वारा अचानक लिया गया यह फैसला सरकार के गुप्त उद्देश्यों के बारे में चिंता पैदा करता है। 

इसके अलावा, चौधरी ने राज्यसभा नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को समिति से बाहर किए जाने पर दुख जताया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र प्रणाली का अपमान बताया। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष ने कहाकि इन सब परिस्थितियों के कारण मेरे पास आपके निमंत्रण को अस्वीकार करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।

कानून मंत्रालय के मुताबिक, इस समिति का नेतृत्व पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे। समिति में गृहमंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा में विपक्ष के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद, वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एनके सिंह, लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष सी कश्यप, वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त संजय कोठारी शामिल हैं।

एक सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में उच्च स्तरीय समिति की बैठकों में भाग लेंगे। समिति का गठन 5 राज्यों में विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले किया गया है। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार को समिति के गठन की जानकारी दी थी।

प्रह्लाद जोशी ने कहा, ‘अभी एक समिति का गठन किया गया है। समिति की एक रिपोर्ट सामने आएगी जिस पर चर्चा की जाएगी। संसद परिपक्व है, और चर्चा होगी, घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है। भारत को लोकतंत्र की जननी कहा जाता है, यहां हमेशा विकास होता है। मैं संसद के विशेष सत्र के एजेंडे पर चर्चा करुंगा।’

‘एक देश, एक चुनाव’ बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “मैं स्थायी समिति का सदस्य था। तब मैं तृणमूल कांग्रेस पार्टी का सदस्य था। यह कोई नई बात नहीं है। चुनाव में इस्तेमाल होने वाले करोड़ों रुपये बचाए जाएंगे। और इस बचे पैसे से नए अस्पताल, सड़कें, रोजगार, हवाई अड्डे और बंदरगाह विकसित किए जा सकते हैं। स्थायी समिति का गठन  2015 में किया गया था।”

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