Thursday, May 30, 2024
HomeHOMEKitabon ki Mehfil: लखनऊ के बलरामपुर गार्डन में लगे बीसवें राष्ट्रीय पुस्तक...

Kitabon ki Mehfil: लखनऊ के बलरामपुर गार्डन में लगे बीसवें राष्ट्रीय पुस्तक मेले के तीसरे दिन सजी किताबों की महफिल

किताबों की बदली दुनिया का अहसास जगाता बुक फेयर   

Kitabon ki Mehfil: सूचना तकनीकी के इस दौर में साहित्य और किताबों की दुनिया बहुत ही बदल गयी है। इस बात का अहसास यहां लखनऊ के बलरामपुर गार्डन में चल रहा बीसवां राष्ट्रीय पुस्तक मेले की सामग्री करा रही हैं। मेले में नामी प्रकाशकों की कथा, उपन्यास व कविता के संग ही साहित्यिक आलोचनाओं की पुस्तकें बड़ी तादाद में हैं। 

‘ज्ञान कुंभ’ की थीम पर केटी फाउंडेशन और फोर्स वन बुक्स द्वारा मुफ्त प्रवेश वाला यह पुस्तक मेला दो अक्टूबर तक चलेगा। मेले में हर किताब पर कम से कम 10 प्रतिशत की छूट मिल रही है। रविवार की छुट्टी के दिन आज मेला पुस्तक प्रेमियों से दिनभर भरा रहा। साहित्यिक आयोजनों का दौर जारी रहा। 

भारतीय ज्ञानपीठ और वाणी प्रकाशन के स्टाल पर दामोदर मावजों का कथा संग्रह मन्नत…., ओमप्रकाश वाल्मीकि का कथा संग्रह छतरी, मृदुला गर्ग की किताब वे नायाब औरतें, अनामिका की तृन धीरे ओट, पत्रकार सुधीर मिश्र की मुसाफिर हूं यारों, दयानन्द पाण्डेय का लघु उपन्यास विपश्यना में प्रेम के संग ही विजय पण्डित का चर्चित नाटक पूर्ण पुरुष भी पसन्द किया जा रहा है। सेतु प्रकाशन की नयी पुस्तकों में अंजू शर्मा की ओ री कठपुतली, शैलेन्द्र सागर की खाकी आख्यान और हिलाल अहमद के संपादन में सुदीप्त कविराज पर निकाली वैचारिक पुस्तक विशेष हैं। राजपाल के स्टाल की नयी किताबों में दशरथ ओझा की एकता के देवदूत शंकराचार्य, राजेन्द्रमोहन भटनागर की बुद्धम शरणं गच्छामि और असगर वजाहत का कथा संग्रह कूड़ा समय ज्यादा बिक रही है। लोकभारती के स्टाल पर प्रदीप भारती का उपन्यास तथागत फिर नहीं आते चर्चित पुस्तकों की श्रेणी में है। 

सांस्कृतिक मंच पर आज के कार्यक्रमों की शुरुआत अखिल भारतीय साहित्य परिषद महानगर की विचार गोष्ठी से हुई। दोपहर में मां तारा स्मृति संस्थान की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं और विशिष्ट पत्रकारों को अलंकृत किया गया। डीजी स्वास्थ्य की ओरे कैंसर जागरूकता कार्यक्रम में डा.एपी माहेश्वरी की पुस्तक इनटू द ओब्लिवियन का विमोचन केजीएमयू की कुलपति डा.सोनिया नित्यानंद, डा.अर्चना कुमार, मनोज सिंह चंदेल व कैंसर सर्वाइवर संदीप इत्यादि की उपस्थित में हुआ। इस अवसर पर नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की गयी और वक्ताओं ने विचार रखे। लोक आंगन और ज्वाइन हैण्ड्स फाउण्डेशन के कार्यक्रम में अनाया, विदुषी, प्रथा, दिनेश पाण्डेय, आयुषी पाण्डेय, ज्ञान प्रकाश, अनिल अगाड़ी, संगीता खरे, पूनम बिष्ट, कृष्णा, शिवपूरन शुक्ल और संयोजिका ज्योति किरन रतन ने गीत, काव्य और नृत्य के सुंदर कार्यक्रम प्रस्तुत किये। अंत सुंदरम साहित्य संस्थान का काव्य समारोह देर तक चला। 

मेले में कुछ स्टाल ऐसे भी हैं जो पहली बार या बहुत समय बाद यहां आए हैं। इनके अलावा दिव्यांश प्रकाशन, राजकमल, वाणी प्रकाशन, भारतीय ज्ञानपीठ, राजपाल, लोकभारती, प्रभात प्रकाशन, हिंद युग्म, सामायिक, सेतु, सम्यक, प्रकाशन संस्थान, प्रकाशन विभाग, केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण विभाग, हिंदी संस्थान आदि के स्टाल प्रमुख होंगे। संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली, रामपुर रज़ा लाइब्रेरी पब्लिशर्स, तिरुमाला, यशिका, एंजेल और कई अन्य प्रकाशक और वितरक भाग ले रहे हैं। पुस्तक विमोचन, लेखक से मिलें, कवि सम्मेलन, मुशायरा जैसे विविध कार्यक्रमों का आयोजन पुस्तक मेला मंच पर नियमित होगा। बच्चों के कार्यक्रम भी होंगे। नेशनल बुक फेयर के सहयोगी रेडियो सिटी, विजय स्टूडियो, बुबचिक, ऑरिजिंस, स्टार टेक्नोलॉजीज, रेट्रोबी, ऑप्टिकुंभ, मैगजीन पार्टनर्स सिटी एसेंस और ट्रेड मित्र हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments