Saturday, February 24, 2024
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BADA MANGAL: बड़े मंगल की महिमा अपरंपार, लखनऊ में दिनभर चलते हैं भंडारे 

BADA MANGAL: ज्येष्ठ महीने में बड़े मंगल की महिमा अपरंपार है। इस दिन कई जगहों ख़ासकर लखनऊ में दिनभर भंडारे चलते हैं। बता दें कि ज्येष्ठ माह का पहला मंगल 4 मई को आया था। और जेठ महीने के आखिरी मंगल का समापन 4 जून को होगा। ज्योतिषियों की मानें तो मंगलवार को हनुमान की पूजा-अर्चना करने से दुख-दारिद्रय और रोग-दोष दूर होते हैं, और समृद्धि आती है। 

BADA MANGAL: ज्येष्ठ मास का तीसरा मंगल या बुढ़वा मंगल 23 मई को है। इसे मनाने का शुभ मुहूर्त आर्द्रा नक्षत्र दोपहर 12 बजकर 58 मिनट तक है। वहीं राहुकाल में दोपहर बाद तीन बजकर 43 मिनट से शाम 5 बजकर 26 मिनट तक है। 

ज्येष्ठ मास का तीसरा मंगल या बुढ़वा मंगल 23 मई को है। इसे मनाने का शुभ मुहूर्त आर्द्रा नक्षत्र दोपहर 12 बजकर 58 मिनट तक है। वहीं राहुकाल में दोपहर बाद तीन बजकर 43 मिनट से शाम 5 बजकर 26 मिनट तक है। 

BADA MANGAL: ऐसी मान्यता है कि जेठ माह के मंगलवार को हनुमान की पूजा करने से, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करने से लोगों के कष्ट दूर होते हैं। लोगों के मंगल दोष दूर होते हैं।

ज्येष्ठ के महीने में लखनऊ वासियों द्वारा बड़े मंगल पर भंडारे का आयोजन कराया जाता है। बड़े मंगल के दिन कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहता। कई लोग इस दिन भंडारे का आयोजन करते हैं। 

मान्यता है कि जो लोग बड़े मंगल पर सच्ची श्रद्धा और निष्ठा से हनुमान जी की भक्ति करते हैं, उनके सारे कष्ट पवन सुत हनुमान दूर कर देते हैं। 

बड़े मंगल के पीछे कई मान्यताएं हैं। कथाओं के अनुसार रामायण में हनुमान भगवान राम से ज्येष्ठ मास के मंगलवार को प्रथम बार मिले थे, इस लिए ज्येष्ठ के महीने में हर मंगलवार को बड़े मंगल के रूप में मनाया जाता है। 

वहीं दूसरी कथा के अनुसार महाभारत काल में हनुमान ने वृद्ध रूप में भीम को दर्शन दिया था और उनके अहंकार को नष्ट किया था। इसलिए ज्येष्ठ के महीने में बड़ा मंगल मनाया जाता है। 

BADA MANGAL: एक और कथा के अनुसार एक बार अवध के नवाब मोहम्मद अली शाह के बेटे की तबियत बहुत खराब हो गई थी। डॉक्टर, हकीम, वैद्य  की दवाएं काम नहीं कर रही थी। दुआएं भी असर नहीं कर रही थीं। 

BADA MANGAL:
हनुमान मंदिर, अलीगंज, लखनऊ।

ऐसे में कुछ लोगों ने नवाब को लखनऊ के अलीगंज में स्थित हनुमान जी के मंदिर में जाने की सलाह दी। नवाब ने लोगों के मशविरे को अमल में लाकर हनुमान मंदिर जाकर दर्शन किए। इसी के बाद नवाब के बेटे की सेहत ठीक हो गई। उसी के बाद से बड़ा मंगल मनाया जाता है। 

बता दें कि बड़ा मंगल एक तरह से हिंदुओं और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक समानता और सद्भाव का प्रतीक है। इस दिन को हिंदू और मुस्लिम पूरी श्रद्धा एवम सद्भावना से उत्सव की तरह मनाते हैं। बड़े मंगल का सर्वाधिक महत्त्व है। 

मान्यता है कि हनुमान जी चिरंजीवी हैं। बड़े मंगल के दिन उनको याद करने से मनुष्य की मानसिक, शारीरिक और अन्य समस्याओं का निवारण आसानी से हो जाता है। 

BADA MANGAL: गौर करें तो बड़े मंगल के पावन अवसर पर सभी हनुमान मंदिरों को अच्छी तरह से सजाया जाता है और जगह जगह पूड़ी-सब्जी और अन्य स्वादिष्ट व्यंजनों को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है।

हनुमान भक्त बड़े ही सेवाभाव से गरीबों, निर्धनों, राहगीरों और श्रद्धालुओं को भोजन कराते हैं। जगह-जगह पर भक्तों द्वारा सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा, बजरंग बाण के पाठ का भी आयोजन होता है। ख़ासकर यूपी की राजधानी लखनऊ में बड़ा मंगल त्योहार की तरह मनाया जाता है। शहर भर में शरबत पिलाने की होड़ मची रहती है।

प्रस्तुति : हेमंत पाण्डेय
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