Iran Israel US War One Month
बात करते हैं कि ईरान इज़रायल-यूएस वॉर की…लड़ाई के एक महीने पूरे हो गए हैं…लेकिन तमाम ज़ख्मों के बावज़ूद ईरान रेत में सीना ताने खड़ा है… इस लड़ाई में अमेरिका फंस-सा गया है…उसके घर में भी जबर्दस्त विरोध शुरू हो गया है…लाखों लोग सड़कों पर उतर कर राष्ट्रपति ट्रंप की इस वॉर नीति का जमकर विरोध कर रहे हैं… उधर पाकिस्तान …तुर्किए, मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात के साथ मिलकर वॉर को ख़त्म कराने के लिए बड़े मिशन में लगा हुआ है…
वहीं ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने इजरायल-अमेरिका को एक बड़ा धोखेबाज़ बताते हुए बड़ी कही है…
गालिबफ ने कहा है कि, ‘बातचीत का प्रस्ताव देकर, अमेरिका जिस युद्धविराम को हासिल करने की उम्मीद लगाए बैठा है, उसे वो वॉर के ज़रिए हासिल करने में नाकाम रहा है.
ईरानी नेता ने ज़ोर देकर कहा है कि हमारी फौज,… अमेरिकी लड़ाकों को ताबूत में सुलाने के लिए तैयार बैठी हैं.
ग़ौर करें तो इस लड़ाई में ईरान अपने सुप्रीम लीडर आयतुल्ला खामनेई समेत फौज के तमाम बड़े जनरलों और कमांडरों को खो चुका है. बदले की आग में जल रहे ईरान ने अमेरिका और इजरायल को कभी न भूलने वाला दर्द देने की कसम खाई है.
गालिबफ ने यह भी कहा, ‘दुश्मन खुले तौर पर बातचीत के संदेश भेजता है, जबकि चुपके से ज़मीनी हमले की योजना बनाता है.
अमेरिका-इजरायल के साथ इस युद्ध ने ईरान को भारी तबाही हुई है. ईरानियों की जिंदगी संकट में है. वहीं ग्लोबल इकॉनमी डगमगा गई है.
इस युद्ध में अब तक ईरान ने क्या खोया…
इस वॉर में ईरान ने 2,000 से अधिक लोगों को खो दिया है…27,000 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं… भारी आर्थिक तबाही झेली है. लाखों बेघर हुए हैं… रोज़गार छिने है… मुद्रास्फीति बढ़ी है…इंटनेट बंद है..जनजीवन अस्त-व्यस्त है.
इस दौरान ईरान के 15,000 से अधिक ठिकानों पर हमले हुए हैं. तबाही हुई है. परमाणु ठिकाने को भी नुकसान पहुंचा है.
सबसे बड़ी बात इस लड़ाई में ईरान अपने सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामनई समेत कई कमांडरों को खो चुका है.
वहीं ईरान ने पलटवार करते हुए इजराइल और अमेरिका को सबक सिखाया है…तेहरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से ज़बर्दस्त हमले किए हैं…खाड़ी देशों में स्थित अमेरिका के कई ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है…उसने एफ-35 जैसे अमेरिकी फाइटर विमानों को भी मार गिराया है.
इस तरह से एक आम आदमी की तरह देखें तो जंग के इस एक महीने में ईरान ने सिर्फ खोया नहीं है, …बल्कि नाम भी कमाया है… अपनी गुडविल मज़बूत की है… और पूरी दुनिया को अपने युद्ध कौशल का लोहा मनवाया है. और अमेरिका को ट्रैप में फंसा दिया है..
वॉर अभी थमा नहीं है…अब वक्त ही बताएगा कि हारा कौन… और जीता कौन… मगर ये सच्चाई है कि युद्ध हर चीज़ का समाधान नहीं… लड़ाई रुकनी चाहिए…वार्ता होनी चाहिए…समाधान निकलना चाहिए…इस पर बात होनी चाहिए…
