भारतीय उच्चायोग स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र और श्रीलंका फाउंडेशन के विश्व हिन्दी दिवस सम्मेलन में सम्मानित किए गए INDIA के साहित्यकार
लखनऊ/कोलंबो: Hindi Gaurav Samman: विश्व हिन्दी दिवस के अवसर आयोजित भारत श्रीलंका हिन्दी सम्मेलन में वरिष्ठ साहित्यकार पत्रकार डॉ मनीष शुक्ल को हिन्दी गौरव सम्मान प्रदान किया गया।
भारतीय उच्चायोग स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र, श्रीलंका फाउंडेशन के द्वारा कोलंबो में आयोजित द्वितीय सम्मेलन में महामहिम उच्चायुक्त संतोष झा ने कहा कि हिन्दी आज वैश्विक संचार की भाषा बन रही है। यह संस्कृतियों को जोड़ने का कार्य कर रही है। श्रीलंका के विश्वविद्यालयों से लेकर स्कूल कालेजों में हिन्दी भाषा को पढ़ाया जा रहा है।
उन्होने विश्व भर में हिन्दी का प्रचार कर रही पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी के प्रयासों की सराहना की।

समारोह में श्रीलंका के शिक्षा मंत्री मधुर सिंहरत्न ने भारत श्रीलंका के राजनयिक 75 वर्षों के सम्बन्धों के दौर को ऐतिहासिक करार दिया। सम्मेलन के उदघाटन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को पढ़ा गया। जिसमें पीएम मोदी ने कहा कि जहां-जहां भारत वंशी हैं। वहाँ हिन्दी केवल भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कारों को प्रेषित करने का माध्यम है।

स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक प्रोफेसर अंकुरण दत्ता ने कहा कि भारत के कोने कोने से आए साहित्यकार भारत के सांस्कृतिक राजदूत हैं। डॉक्टर मनीष शुक्ल ने इस दौरान दोनों देशों के मैत्री संबधों पर आधारित कविता का पाठ किया।
केलानिया विश्वविध्यालय की छात्राओं ने सिंघली एवं हिन्दी भाषा में ‘चौधवी का चाँद’ गीत सुनाकर भाषा प्रेमियों को एक सूत्र में बांध दिया।
इस अवसर मुख्य रूप से दिल्ली से वरिष्ठ साहित्यकार मोहम्मद शब्बीर, उत्तर प्रदेश से प्रो राकेश सक्सेना, प्रो सुनीता सक्सेना, उड़ीसा से प्रो जयंत कर शर्मा, हिमांचल प्रदेश से डॉ प्रताप मोहन भारतीय, रणजोत सिंह, शांति स्याल, महाराष्ट्र से डॉ संजय पवार, डॉ जसपाल सिंह वाल्वी, डॉ ज्ञानेश्वर सोनार, राजस्थान से राम अवतार मेघवाल सागर, हरियाणा से पंकज शर्मा, लघु कथाकार अशोक भाटिया, मान सिंह पुनिया, केरल से डॉ एके बिन्दु, डॉ अनीथा पीएल, असम से डॉ ए सी फुकन आदि को वैश्विक स्तर पर हिन्दी की सेवा के लिए सम्मानित किया गया। सह आयोजक डॉ अकेला भाई ने आभार जताया।
