Aaj Ka Panchang 18 March 2025।।🕉️।।
।।सुप्रभातम्।।
।।आज का पंचांग।।
कलियुगाब्द……………………5126
विक्रम संवत्…………………..2081
शक संवत्………………………1946
रवि…………………………..उत्तरायण
मास…………………………………चैत्र
पक्ष……………………………….कृष्ण
तिथी…………………………….चतुर्थी
रात्रि 10.09 पर्यंत पश्चात पंचमी
सूर्योदय…….प्रातः 06.33.48 पर
सूर्यास्त……..संध्या 06.37.01 पर
सूर्य राशि………………………..मीन
चन्द्र राशि……………………….तुला
गुरु राशि……………………….वृषभ
नक्षत्र…………………………..स्वाति
संध्या 05.45 पर्यंत पश्चात विशाखा
योग…………………………..व्याघात
दोप 04.38 पर्यंत पश्चात हर्षण
करण………………………………बव
प्रातः 08.51 पर्यंत पश्चात बालव
ऋतु……………………. बसंत
दिन………………………….मंगलवार
आंग्ल मतानुसार :-
18 मार्च सन 2025 ईस्वी
अभिजीत मुहूर्त :-
दोप 12.10 से 12.58 तक ।
👁🗨 राहुकाल :-
दोप 03.34 से 05.03 तक ।
उदय लग्न मुहूर्त :-
मीन
06:25:12 07:56:10
मेष
07:56:10 09:36:55
वृषभ
09:36:55 11:35:35
मिथुन
11:35:35 13:49:17
कर्क
13:49:17 16:05:27
सिंह
16:05:27 18:17:16
कन्या
18:17:16 20:27:55
तुला
20:27:55 22:42:33
वृश्चिक
22:42:33 24:58:43
धनु
24:58:43 27:04:19
मकर
27:04:19 28:51:25
कुम्भ
28:51:25 30:25:12
🚦 दिशाशूल :-
उत्तरदिशा – यदि आवश्यक हो तो गुड़ का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें
☸ शुभ अंक………………..2
🔯 शुभ रंग………………..लाल
✡ चौघडिया :-
प्रात: 09.34 से 11.04 तक चंचल
प्रात: 11.04 से 12.34 तक लाभ
दोप. 12.34 से 02.03 तक अमृत
दोप. 03.33 से 05.02 तक शुभ
रात्रि 08.02 से 09.33 तक लाभ ।
📿 आज का मंत्र :-
॥ ॐ आंजनेय नमः॥
संस्कृत सुभाषितानि
श्रीमद्भगवतगीता (एकादशोऽध्यायः – विश्वरूपदर्शनयोग:) –
नमः पुरस्तादथ पृष्ठतस्ते नमोऽस्तु ते सर्वत एवसर्व ।
अनन्तवीर्यामितविक्रमस्त्वं सर्वं समाप्नोषि ततोऽसि सर्वः ॥
अर्थात :
हे अनन्त सामर्थ्यवाले! आपके लिए आगे से और पीछे से भी नमस्कार! हे सर्वात्मन्! आपके लिए सब ओर से ही नमस्कार हो, क्योंकि अनन्त पराक्रमशाली आप समस्त संसार को व्याप्त किए हुए हैं, इससे आप ही सर्वरूप हैं॥
🍃 आरोग्यं :–
लिवर का रामबाण इलाज –
लिकोरिस चाय –
लिवर के इलाज करने के लिए आयुर्वेदिक में लिकोरिस का उपयोग बहुत ही किया जाता है। लिकोरिस चाय बनाने के लिए, लीकोरिस रूट को पीसकर उसे उबलते पानी में डालें और कुछ मिनटों के लिए इसे छोड़ दें। लिवर की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए दिन में दो बार इस चाय का सेवन करें।
अलसी का बीज –
अलसी के बीज सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं। इसमें ओमेगा-3 एसिड पाया जाता है, जो कि कई रोगों के लिए बहुत ही लाभकारी होता है। अलसी का बीज लिवर पर तनाव को कम कर सकता है। फाइबर के गुणों से भरपूर अलसी को अपनी आहार में शामिल करने आपका लिवर स्वस्थ रहता है।
आज का राशिफल
🐏 राशि फलादेश मेष :-
(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)
स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि तथा उन्नति मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। पार्टनरों का सहयोग समय पर प्राप्त होगा। यात्रा की योजना बनेगी। घर-बाहर कुछ तनाव रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
🐂 राशि फलादेश वृष :-
(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बनेगा। स्वादिष्ट व्यंजनों का लाभ मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेंगे। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। काम में मन लगेगा। शेयर मार्केट में लाभ रहेगा। नौकरी में सुविधाएं बढ़ सकती हैं। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य का ध्यान रखें। धन प्राप्ति सुगमता से होगी।
👫 राशि फलादेश मिथुन :-
(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
दु:खद सूचना मिल सकती है, धैर्य रखें। फालतू खर्च होगा। कुसंगति से बचें। बेकार की बातों पर ध्यान न दें। अपने काम पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। लाभ होगा।
🦀 राशि फलादेश कर्क :-
(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
भूले-बिसरे साथी तथा आगंतुकों के स्वागत तथा सम्मान पर व्यय होगा। आत्मसम्मान बना रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। बड़ा काम करने का मन बनेगा। परिवार के सदस्यों की उन्नति के समाचार मिलेंगे। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक सहयोग बना रहेगा। किसी व्यक्ति की बातों में न आएं, लाभ होगा।
🦁 राशि फलादेश सिंह :-
(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
घर-बाहर प्रसन्नतादायक वातावरण रहेगा। नौकरी में चैन महसूस होगा। व्यापार से संतुष्टि रहेगी। संतान की चिंता रहेगी। प्रतिद्वंद्वी तथा शत्रु हानि पहुंचा सकते हैं। मित्रों का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। यात्रा की योजना बनेगी। प्रसन्नता रहेगी।
💁♀️ राशि फलादेश कन्या :-
(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
यात्रा मनोनुकूल मनोरंजक तथा लाभप्रद रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। व्यापार-व्यवसाय से मनोनुकूल लाभ होगा। घर-बाहर सफलता प्राप्त होगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। काम में लगन तथा उत्साह बने रहेंगे। मित्रों के साथ प्रसन्नतापूर्वक समय बीतेगा।
⚖ राशि फलादेश तुला :-
(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। बनते कामों में विघ्न आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। जीवनसाथी से सामंजस्य बैठाएं। फालतू खर्च होगा। कुसंगति से बचें। बेवजह लोगों से मनमुटाव हो सकता है। बेकार की बातों पर ध्यान न दें। आय में निश्चितता रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। जल्दबाजी न करें।
🦂 राशि फलादेश वृश्चिक :-
(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में सुकून रहेगा। जल्दबाजी में कोई आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। कानूनी अड़चन आ सकती है। विवाद न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी।
🏹 राशि फलादेश धनु :-
(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)
नई योजना लागू करने का श्रेष्ठ समय है। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक कार्य सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। घर-बाहर प्रसन्नता का माहौल रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। बड़ा कार्य करने का मन बनेगा। सफलता के साधन जुटेंगे। जोखिम न उठाएं।
🏹 राशि फलादेश मकर :-
(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)
किसी जानकार प्रबुद्ध व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होने के योग हैं। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। किसी राजनयिक का सहयोग मिल सकता है। लाभ के दरवाजे खुलेंगे। चोट व दुर्घटना से बचें। व्यस्तता रहेगी। थकान व कमजोरी महसूस होगी। विवाद से बचें। धन प्राप्ति होगी। प्रमाद न करें।
राशि फलादेश कुंभ :-
(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
स्वास्थ्य का ध्यान रखें। चोट व दुर्घटना से बचें। आय में कमी रह सकती है। घर-बाहर असहयोग व अशांति का वातावरण रहेगा। अपनी बात लोगों को समझा नहीं पाएंगे। ऐश्वर्य के साधनों पर बड़ा खर्च होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। हितैषी सहयोग करेंगे। धनार्जन संभव है।
🐠 राशि फलादेश मीन :-
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति के सहयोग से कार्य की बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। परिवार के लोग अनुकूल व्यवहार करेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। नए लोगों से संपर्क होगा। आय में वृद्धि तथा आरोग्य रहेगा। चिंता में कमी होगी। जल्दबाजी न करें।
साभार- पंडित राजेश मिश्र