Saturday, February 24, 2024
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ELECTION 2024: भारत में होने वाले आम चुुनाव 2024 पर पूरी दुनिया की नज़र है। इस लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर हम अपडेट करते रहेंगे। इसमें चुनाव को लेकर छोटी-बड़ी ज़रूरी बातें सामने रखी जाएंगी।

Lok Sabha Elections 2024 Date: साल 2019 के लोकसभा चुनाव की तरह इस बार का लोकसभा का चुनाव अप्रैल-मई महीने में 7 फेज में हो सकता है। ऐसी संभावना है कि चुनाव आयोग ने तारीखों के ऐलान फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च महीने के पहले हफ्ते में हो सकता है। उधर चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी कर रखी है।

कांग्रेस-सपा गठबंधन पूरा: रायबरेली और अमेठी सहित कांग्रेस को 17 सीटें

सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग पर समझौा हो गया। फॉर्मूले के तहत कांग्रेस 17 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि समाजवादी पार्टी 63 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. सपा चंद्रशेखर आजाद की ‘आजाद समाज पार्टी’ समेत कुछ छोटे दलों को अपने कोटे से सीट देगी।

कांग्रेस की सीटें, जिन 17 सीटों पर पार्टी उतारेगी उम्मीदवार

कांग्रेस-सपा सीट शेयरिंग को लेकर हुई डील के अनुसार, यूपी में में मिली कांग्रेस की 17 सीटों में अमेठी, रायबरेली, कानपुर नगर, फतेहपुर सीकरी, बांसगांव, सहारनपुर, प्रयागराज, महराजगंज, वाराणसी, अमरोहा, झांसी, बुलंदशहर, गाज़ियाबाद, मथुरा, सीतापुर, बाराबंकी और देवरिया सीट शामिल है।

कांग्रेस मध्य प्रदेश में सपा को देगी खजुराहो सीट

इसके साथ ही समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में मध्य प्रदेश की एक सीट को लेकर भी डील हो गई है. खजुराहो की सीट पर समाजवादी पार्टी उम्मीदवार खड़ा करेगी, जबकि मध्य प्रदेश की बाकी 27 सीटों पर समाजवादी पार्टी कांग्रेस का समर्थन करेगी.

बता दें कि पीएम मोदी ने बीजेपी के लिए अकेले ही 370 का टार्गेट रखा हुआ है। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने ये भी दावा कर रखा है कि इस बार एनडीए 400 सीटों का आंकड़ा पार कर लेगी। उधर विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. भी मोदी सरकार को टक्कर देने के लिए कमर कस ली है।

गौर करें तो इस बार एनडीए के सामने इंडिया गठबंधन है। हालांकि इस नए गठबंधन से जदयू, टीएमसी, आप, सपा सहित बड़ी पार्टियां अलग हो गई हैं। वो अपने दम पर अकेले लड़ेंगी। वहीं एनडीए तीसरी बार दिल्ली फतेह के मूड में है।

विपक्ष ने इस बार यूपीए को खत्म कर ही नया महागठबंधन इंडिया बनाया है। इंडिया गठबंधन में इस बार कांग्रेस, डीएमके, सीपीआई, आरजेडी, सपा, जेएमएम, एनसीपी (शरद पवार), शिवसेना (यूबीटी), सपा, आजाद समाज पार्टी, सीपीआई (माले). आयूएमएल, केएमडीके, एमकेके, एमडीएमके, वीसेके, जेकेपीडी, पीडब्लूपी शामिल हैं।

वहीं एनडीए की बात करें तो इसमें बीजेपी, जेडीएस, जेडीयू, एलजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे), एनसीपी (अजित पवार), एनपीपी, आरएलजेपी, हम, एजीपी, निषाद पार्टी, एमएनएफ, अकाली दल सहित कई पार्टियां शामिल हैं।

जान लें कि 2019 में हुए लोकसभा के चुनाव में बीजेपी के खाते में 303 सीटें आईं थीं। वहीं बीजेपी के गठबंधन एनडीए को कुल 353 सीटें मिली थीं। इस चुनाव में विपक्ष को कुल 91 सीटें मिली थीं। कांग्रेस के खाते में 52 सीटें ही आई थीं।

साल 2024 में 18वीं लोकसभा का चुनाव होगा। वर्ष 2019 में 17वीं लोकसभा का चुनाव हुआ। पहला आम चुनाव 25 अक्‍तूबर, 1951 से 21 फरवरी, 1952 तक संपन्न हुआ था। दूसरा चुनाव 24 फरवरी से 14 मार्च 1957 तक और तीसरा इलेक्शन 19 से 25 फरवरी 1962 तक हुआ था।

इंडिया का चौथा आम चुनाव 17 से 21 फरवरी 1967 और 5वां चुनाव 1 से 10 मार्च 1971 तक पूरा हुआ था। छठी लोकसभा का चुनाव 16 से 20 मार्च 1977 और सातवीं का चुनाव 3 से 6 जनवरी 1980 तक चला था।

आठवीं लोकसभा का इलेक्शन 24 से 28 दिसम्‍बर 1984 और नौवां 22 से 26 नवम्‍बर 1989 को कराया गया था। 10वां चुनाव 20 मई से 15 जून 1991 और ग्‍यारहवीं लोकसभा का चुनाव 27 अप्रैल से 30 मई 1996 को संपन्न कराया गया था।

12वीं लोकसभा के लिए 16 फरवरी से 23 फरवरी 1998 और 13वीं के लिए 5 सितम्‍बर से 6 अक्‍तूबर 1999 के बीच चुनाव हुआ था। 14वीं लोकसभा का गठन 20 अप्रैल से 10 मई 2004 और 15वीं का गठन 16 अप्रैल से 13 मई 2009 के बीच हुआ था।

सोलहवीं लोकसभा के लिए 7 अप्रैल 2014 से 12 मई 2014 के बीच मतदान हुआ था, वहीं 17वीं लोकसभा के लिए आम चुनाव 11 अप्रैल से 19 मई 2019 के बीच हुआ था। अब देश 18वीं लोकसभा के गठन की ओर देख रहा है।

एक वर्ष में लोक सभा के कि‍तने सत्र (सेशन) होते हैं?

सामान्‍य तौर पर एक साल में लोक सभा के 3 सत्र आयोजि‍त कि‍ए जाते हैं। अमूमन बज़ट सत्र दो पार्ट में होता है। पहला सत्र जनवरी-फरवरी और दूसरा चरण मार्च-अप्रैल में होता है। जिस साल अप्रैल-मई में लोकसभा के चुनाव होने होते हैं, उस साल चुनाव बाद फुल बज़ट पेश किया जाता है। इसके लिए जनवरी-फरवरी में अंतरिम बज़ट पेश किया जाता है।

बजट सत्र के बाद मॉनसून सत्र सत्र आता है। ये सेशन जुलाई-अगस्त तक चलता है। संसद का तीसरा सत्र शीतकालीन सत्र कहलाता है। ये नवम्‍बर-दि‍सम्‍बर में संपन्न होता है।

लोकसभा का सदस्‍य होने के लि‍ए क्‍या योग्‍यताएँ चाहिए?

भारत में लोक सभा का सदस्‍य होने के लि‍ए कि‍सी व्‍यक्‍ति ‍को सबसे पहले भारत का नागरि‍क होना चाहि‍ए। उसकी उम्र 25 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।

हाउस ऑफ पीपल यानी लोकसभा का सर्वप्रथम गठन कब हुआ था ?

17 अप्रैल 1952 को सर्वप्रथम लोक सभा का गठन हुआ था। इसके लिए आम चुनाव 25 अक्‍तूबर 1951 से 21 फरवरी 1952 तक हुआ था। लोकसभा का प्रथम सत्र 13 मई 1952 को आरंभ हुआ।

1952 में इंडिया यानी भारत में कितने मतदाता थे?

साल 1951 की जनगणना के अनुसार भारत की 361,088,090 की आबादी में से जम्मू और कश्मीर को छोड़कर कुल 173,212,343 मतदाता रजिस्टर्ड थे। उस समय का या सबसे बड़ा चुनाव था। इस चुनाव में 21 वर्ष से अधिक उम्र के सभी भारतीय नागरिक मतदान करने के पात्र थे।

संसद की सभा में ‘प्रश्‍नकाल’ क्‍या होता है?

संसद की लोक सभा और राज्य सभा में सभा की बैठक का पहला घंटा जि‍समें सवाल पूछे जाते हैं और उनके ज़वाब दि‍ए जाते हैं, ‘प्रश्‍नकाल’ कहलाता है।

संसद में शून्‍य काल क्‍या है?

प्रश्‍नकाल और सभा पटल पर पत्र रखे जाने के तुरंत बाद और कि‍सी सूचीबद्ध कार्य को सभा द्वारा शुरू करने से पहले के समय का नाम ‘शून्‍यकाल’ ‍है। गौर करें चूंकि‍ यह मध्‍याह्न यानी दिन के 12 बजे शुरू होता है, इस अवधि‍ को शि‍ष्‍ट भाषा में ‘शून्‍यकाल’ कहते हैं।

लोक सभा में कथि‍त शून्‍य काल में मामले उठाने के लि‍ए सदस्‍य प्रतिदि‍न पूर्वाह्न 10.00 बजे से पूर्व जि‍स महत्‍वपूर्ण वि‍षय को सभा में उठाना चाहते हैं उसके बारे में स्‍पष्‍टत: बताते हुए अध्‍यक्ष को सूचना देते हैं। सभा में ऐसे मामले को उठाने या नहीं उठाने की अनुमति देना अध्‍यक्ष पर निर्भर करता है। संसदीय प्रक्रि‍या में ‘शून्‍यकाल’ शब्‍द को औपचारि‍क मान्‍यता प्राप्‍त नहीं है।

वर्तमान में शून्‍य काल के दौरान बैलट की प्राथमिकता के आधार पर प्रति दिन 20 मामले उठाए जाने की अनुमति है। शून्य काल में उठाए जाने वाले मामलों का क्रम का निर्णय अध्‍यक्ष यानी स्पीकर के विवेकानुसार किया जाता है।

पहले चरण में अविलंबनीय राष्‍ट्रीय तथा अंतरराष्‍ट्रीय महत्‍व के 5 मामले उठाए जा सकते हैं। पहले चरण में प्रश्‍न काल और पत्रों को पटल पर रखने आदि के बाद मामले उठाए जाते हैं। दूसरे चरण में अविलंबनीय लोक महत्‍व के बाकी स्‍वीकृत मामले शाम 6 बजे के बाद या सभा के नियमित कार्य के बाद रखे जाते हैं।

संसदीय प्रश्न क्या होता है?

प्रश्न लोक सभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन नियम तथा अध्यक्ष के निदेश में विहित शर्तों के अध्यधीन अविलंबनीय लोक महत्व के मामलों पर सूचना प्राप्त करने के लिए सदस्य को उपलब्ध महत्वपूर्ण संसदीय तंत्र हैं। कोई भी सदस्य जिस मंत्री को संबोधित हो, उससे विशेष संज्ञान के अंतर्गत लोक महत्व के विशेष मामलों के बारे में सूचना प्राप्त करने के प्रयोजन से प्रश्न पूछ सकता है।

तारांकि‍त प्रश्‍न क्या होते हैं?

संसद में तारांकि‍त प्रश्‍न वह होता है, जि‍सका मौखि‍क उत्तर संसद सदस्‍य लोकसभा या राज्यसभा में चाहता है। इन प्रश्नों को तारे के चि‍ह्न द्वारा दिखाया जाता है। ऐसे प्रश्‍न के उत्तर के पश्‍चात सदस्‍यों द्वारा पूरक प्रश्‍न भी पूछे जा सकते हैं। इसका जवाब भी मंत्री सभा में देता है।

अतारांकि‍त प्रश्‍न क्या होते हैं?

अतारांकि‍त प्रश्‍न वह होता है जि‍सका संसद सदस्‍य लि‍खि‍त में उत्तर चाहता है। इसका उत्तर मंत्री द्वारा सभा पटल पर रखा गया माना जाता है।

बता दें कि एक दि‍न की तारांकि‍त प्रश्‍न सूची में प्रश्‍नों की कुल संख्‍या 20 होती है। वहीं एक दि‍न के अतारांकि‍त प्रश्‍न सूची में 230 से अधि‍क प्रश्‍न नहीं होते हैं। इसके साथ ही इनमें अधि‍क से अधि‍क 25 प्रश्‍न और जोड़े जा सकते हैं, जो राष्‍ट्रपति‍ शासन वाले राज्‍य/राज्‍यों से संबंधि‍त होते हैं।

वि‍धेयक और अधि‍नि‍यम में अंतर क्‍या है ?

संसद में वि‍धेयक सभा के समक्ष प्रस्‍तुत वि‍धायी प्रस्‍ताव का एक प्रारूप है। यह केवल तभी अधि‍नि‍यम बनता है, जब इसे संसद के दोनों सदनों यानी लोकसभा और राज्यसभा द्वारा पारि‍त कर दि‍या जाए और राष्‍ट्रपति‍ अपनी मुहर लगा दें।

स्‍थगन प्रस्‍ताव क्‍या होता है?

लोक महत्‍व के किसी नि‍श्‍चि‍त मामले को अविलंब जि‍से अध्‍यक्ष की अनुमति ‍से संसद के किसी सदन में पेश कि‍या जा सकता है। सभा अध्यक्ष के अनुमति देने पर इस पर चर्चा के लिए सभा की कार्यवाही के पहले से निश्चित कार्यवाही के स्थगन के लिए अपनायी गई प्रक्रि‍या को स्‍थगन प्रस्‍ताव कहते हैं।

स्‍थगन प्रस्‍ताव पास होने पर उस मामले पर चर्चा करने के लि‍ए सभा के सामान्‍य कार्य को रोक दि‍या जाता है। स्‍थगन प्रस्‍ताव का उद्देश्‍य सरकार की हाल ही की किसी चूक या किसी असफलता के लि‍ए, जि‍सके गंभीर परि‍णाम हों, सरकार को आड़े हाथ लेना होता है। इसे स्‍वीकार कि‍या जाना एक प्रकार से सरकार की निंदा मानी जाती है।

अवि‍श्‍वास प्रस्‍ताव क्‍या होता है?

लोक सभा के प्रक्रि‍या और कार्य संचालन नि‍यम के नि‍यम 198 में मंत्रि‍ परि‍षद में अवि‍श्‍वास का प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत करने के लिए प्रक्रि‍या नि‍र्धारि‍त की गयी है। इस प्रकार के प्रस्‍ताव का सामान्‍य स्‍वरूप इस प्रकार है कि‍,’ यह सभा मंत्रि‍-परि‍षद में वि‍श्‍वास का अभाव प्रकट करती है।’ इसी को अवि‍श्‍वास प्रस्‍ताव कहते हैं।

संसद में नियम 193 के अधीन चर्चा का क्‍या अर्थ है ?

संसद में नियम 193 के अधीन चर्चा में किसी भी सभा के समक्ष औपचारिक प्रस्‍ताव शामिल नहीं होता है। सीधे समझिए कि इस नियम के अधीन चर्चा के बाद कोई मतदान नहीं हो सकता। सूचना देने वाला सदस्‍य एक छोटा सा बयान दे सकता है। साथ ही ऐसे सदस्‍य जिन्‍होंने अध्‍यक्ष को पहले सूचित किया हो, चर्चा में भाग लेने की अनुमति मिलती है। जिस सदस्‍य ने चर्चा उठाई है उसके उत्तर का कोई अधिकार नहीं होता है। चर्चा के अंत में, संबंधित मंत्री एक संक्षिप्‍त उत्तर देता है।

नियम 377 के अधीन चर्चा का मतलब क्‍या है ?

ऐसे मामले जो व्‍यवस्‍था का प्रश्‍न नहीं हैं। नियम 377 के अधीन विशेष उल्‍लेख द्वारा संसद के किसी सदन में उठाए जा सकते हैं। साल 1965 में तैयार किए गए प्रक्रिया नियम के तहत सदस्‍य को सामान्‍य लोकहित के मामले उठाने का मौका मिलता है। मौज़ूदा समय में प्रतिदिन 20 सदस्‍यों को नियम 377 के अधीन मामले उठाने की अनुमति दी जाती है।

वि‍शेषाधि‍कार भंग और सदन की अवमानना में अंतर क्‍या है ?

जब कोई व्‍यक्‍ति‍ या प्राधि‍कारी सभा के कि‍सी वि‍शेषाधि‍कार, अधि‍कार तथा उन्‍मुक्‍ति‍ की अवहेलना या अति‍क्रमण करता है, तो इस अपराध को वि‍शेषाधि‍कार भंग कहा जाता है।

सदन की अवमानना तब होती है, जब ‘ऐसा कोई कार्य या भूल-चूक, जो संसद के कि‍सी सदन के काम में उसके कृत्‍यों के नि‍र्वहन में बाधा या अड़चन डालती है। सदन के कि‍सी सदस्‍य या अधि‍कारी के मार्ग में उसके कर्तव्‍य के पालन में बाधा या अड़चन डालती है। जिससे ऐसे परि‍णाम उत्‍पन्‍न हो सकते हैं। संसद का अवमानना माना जाता है।

Uttarottar Book: छप गई आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी मेला के संस्मरणों पर आधारित पुस्तक “उत्तरोत्तर”

Uttarottar Book: आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी मेला के संस्मरणों पर आधारित पुस्तक “उत्तरोत्तर” प्रकाशित हो गई है। इस पुस्तक को पाठकों का बहुत प्यार मिल रहा है।

बता दें कि आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान के रजत पर्व पर रायबरेली और दौलतपुर में 11 और 12 नवंबर 2022 को द्विवेदी मेला का आयोजन हुआ था। इसी मेले से निकले तथ्यों को ये पुस्तक समेटे है।

गौर करें तो इंडियन प्रेस प्रयागराज की नींव बांग्ला भाषी बाबू चिंतामणि घोष ने रखी। संपादक आचार्य रामानंद चट्टोपाध्याय के सुझाव पर उन्होंने वर्ष 1900 में हिंदी की मासिक पत्रिका ‘सरस्वती’ का प्रकाशन प्रारंभ किया।

उनके उत्तराधिकारी बाबू हरि केशव घोष (पटल बाबू) ने इंडियन प्रेस और सरस्वती को निरंतर प्रकाशित करने में अपनी अत्यधिक ऊर्जा लगाई।

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने 1903 से 1920 तक अपनी अथक मेहनत से सरस्वती को उत्तरोत्तर उन्नति के पथ पर पहुंचाया।

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान के रजत पर्व पर रायबरेली और दौलतपुर में 11-12 नवंबर 2022 को आयोजित दो दिवसीय द्विवेदी मेला में देश भर के दस से अधिक राज्यों के करीब 80 लेखक, साहित्यकार, कवि और पत्रकार पधारे थे।

मेले की स्मृतियां को पुस्तक रूप में प्रकाशित करने का संकल्प आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति न्यास ने लिया। करीब दो दर्जन आगंतुक कलमकारों ने मेले के संस्मरण लिपिबद्ध किए।

संस्मरणों पर आधारित पुस्तक ‘उत्तरोत्तर’ निशुल्क प्रकाशित कर ऐतिहासिक इंडियन प्रेस (प्रयागराज) के वर्तमान स्वामी सुप्रतीक घोष एवं अरिंदम घोष ने आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान को एक नया आयाम प्रदान किया है| पुस्तक प्रकाशन में सरस्वती संपादक श्री अनुपम परिहार का भी अप्रतिम योगदान रहा।

आचार्य जी की स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाने के लिए संस्मरण लिपिबद्ध करने वाले सभी लेखकों, इंडियन प्रेस के यशस्वी स्वामियों और संपादक के प्रति आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति न्यास एवं आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति, रायबरेली कृतज्ञता ज्ञापित करती है।🌹

Vedic Yajna Agnihotra: वैदिक यज्ञ अग्निहोत्र के असीमित लाभ

  • यज्ञकर्ता, परिवार और समाज को मिलता है फायदा
  • पर्यावरण प्रदूषण से मुक्ति का उपाय है अग्निहोत्र

Vedic Yajna Agnihotra: अवध अग्निहोत्र संघ लखनऊ के तत्वावधान में अग्निहोत्र जयन्ती के पावन अवसर पर आज शाम निर्धारित सूर्यास्त वेला में अलकनंदा अपार्टमेंट गोमतीनगर विस्तार में सामूहिक वैदिक यज्ञ अग्निहोत्र कराया गया।

यज्ञ में बड़ी संख्या में आगंतुकों और अग्निहोत्र-कर्ताओं ने 25 हवन पात्रों में अग्निहोत्र कर इसके महत्व को जाना। सामूहिक अग्निहोत्र से पूर्व महामृत्युंजय का पाठ और यज्ञ भी हुआ। युग प्रवर्तक माधव स्वामी पोतदार साहब ने प्रथम बार 22 फरवरी 1963 शिवरात्रि के दिन से अग्निहोत्र के महत्व का प्रचार प्रसार प्रारम्भ किया था। बैरागढ़ भोपाल में 61 वर्ष पूर्व प्रारंभ किये गये अग्निहोत्र यज्ञ को जगह जगह 22 फरवरी को अग्निहोत्र जयंती के रूप में पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

इसी क्रम में आज हुये यज्ञ में आयोजन कर्ताओं द्वारा कार्यक्रम में आये सभी लोगों को अग्निहोत्र पत्रक और बूंदी प्रसाद भी बांटा गया। प्रामाणिक वैदिक अग्निहोत्र के असीमित लाभ न केवल यज्ञकर्ता को, बल्कि उनके परिवार, समाज और इस पूरी सृष्टि को प्राप्त होते हैं। अग्निहोत्र पर्यावरण प्रदूषण से मुक्ति का सबसे सरल सहज एवम सुगम उपाय है। अग्निहोत्र एक ऐसा सूक्ष्म यज्ञ है जिस पर बहुत कम खर्च में असीमित लाभ मिलता है।

वस्तुतः ये परमपिता परमेश्वर के प्रति कृतज्ञता या धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए ,प्रतिदिन सूर्योदय और सूर्यास्त के निश्चित समय पर गाय के घी से मिश्रित दो चुटकी साबुत चावल अक्षत को गाय के कंडों पर अग्नि प्रज्वलित कर आहुति देकर किया जाता है, जो शारीरिक मानसिक और तमाम प्रकार की विषाणु जनित बीमारियों को वातावरण से शीघ्र मिटाने में समर्थ है। जिसे वैज्ञानिकों ने सिद्ध भी किया है।

सामूहिक अग्निहोत्र यज्ञ का कार्यक्रम, अवध अग्निहोत्र संघ के रामचंद्र के निर्देशन में सतीश गुप्ता, डा.निशिकांत मिश्र, अनुपम दीक्षित, विजय अग्निहोत्री आदि के सहयोग से अत्यंत सफल रहा।

UP Board Exam: यूपी में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल हो रहे 55 लाख स्टूडेंट

UP Board Exam: माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं शुरू हो गईं। इसमें प्रदेश के 8265 केंद्रों पर कुल 55,25,308 परीक्षार्थी एग्ज़ाम दे रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर बने स्ट्रांग रूम में प्रश्न पत्र रखवाए गए हैं। परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र के पैकेट तीन अधिकारियों की उपस्थित में खोले जाएंगे।

माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं गुरुवार से आरंभ हो गईं। इसमें प्रदेश के 8265 केंद्रों पर 55,25,308 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा दो पालियों में होगी। नकल विहीन परीक्षा के लिए पहली बार सेंट्रल कंट्रोल एवं कमांड सेंटर से परीक्षा केंद्रों की लाइव निगरानी कराई जाएगी। नकलचियों पर नकेल कसने के लिए तकनीक से केंद्रों को लैस किया गया है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अफवाहें फैलाने वालों पर भी नजर रखी जाएगी।

यूपी बोर्ड के सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने बुधवार देर शाम तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया। उन्होंने आला अफसरों के साथ केंद्रवार तैयारियों की समीक्षा भी की। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तमाम तैयारियों के साथ इस बार सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जाएगी।

इसके लिए क्विक रिस्पॉंस टीम (क्यूआरटी) टीम का गठन का किया गया है, जो 24 घंटे इन गतिविधियों पर नजर रखेगी। इस दौरान जो भी गड़बड़ी में लिप्त पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सचिव ने बुधवार को गूगल मीट के जरिए प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को से भी परीक्षा की पुख्ता तैयारियों को परखा।

परीक्षा केंद्रों पर बने स्ट्रांग रूम में प्रश्न पत्र रखवाए गए हैं। परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र के पैकेट तीन अधिकारियों की उपस्थित में खोले जाएंगे। इस दौरान केंद्र व्यवस्थापक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक और स्टैटिक मजिस्ट्रेट उपस्थित रहेंगे। जिस विषय की परीक्षा है यदि उसके अलावा किसी अन्य विषय का प्रश्न पत्र खोला जाता है, तो तीनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश भर में परीक्षा के दौरान निरीक्षण करने के लिए 416 सचल दस्तों का गठन किया गया है। इनमें प्रत्येक दस्ते में तीन से चार सदस्य नियुक्त किए गए हैं। नकल रोकने के लिए 75 राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक, 430 जोनल मजिस्ट्रेट और 1297 सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ कुल 2,218 अफसर तैनात किए गए हैं। साथ ही एसटीएफ, लोकल खुफिया विभाग और पुलिस भी सक्रिय हो गई है।

परीक्षा दो पालियों में होगी। प्रथम पाली में हाईस्कूल की सुबह 8:30 बजे से 11:45 तक और द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट की परीक्षा दोपहर दो बजे से 5:15 तक आयोजित होगी। पहले दिन हाईस्कूल की हिंदी विषय की परीक्षा 8,232 केंद्रों पर और इंटर की 8,273 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इसमें कुल 55 लाख 25 हजार 308 विद्यार्थी शामिल होंगे, इनमें से 29 लाख 47 हजार 311 हाईस्कूल के और 25 लाख 77 हजार 997 इंटरमीडिएट के परीक्षार्थी हैं।

सैन्य विज्ञान विषय की परीक्षा में हाईस्कूल के 29 लाख 38 हजार 663 और 244 केंद्रों पर इंटर के 5,123 परीक्षार्थी शामिल होंगे। हाईस्कूल में वाणिज्य विषय की परीक्षा में 1,619 केंद्रों पर 38,437 परीक्षार्थी शामिल होंग, वहीं इंटरमीडिएट में 24 लाख 29 हजार 278 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्रों पर सभी कक्ष निरीक्षकों ने उपस्थिति दर्ज करवा दी है।

SONIA GANDHI: सोनिया गांधी राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित

SONIA GANDHI: राज्यसभा के लिए राजस्थान से सोनिया गांधी चुन ली गईं। वहीं गुजरात से बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा चुने गए। 

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी राजस्थान से राज्यसभा के लिए निर्विरोध सांसद निर्वाचित हुई हैं। उनके अलावा बीजेपी के चुन्नीलाल गरासिया और मदन राठौड़ को भी राजस्थान से राज्यसभा के लिए चुना गया। विधानसभा सचिव महावीर प्रसाद शर्मा ने बताया कि इन तीनों नेताओं को निर्विरोध चुना गया। मंगलवार को नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन था। उधर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत पार्टी के तीन अन्य उम्मीदवारों को भी गुजरात से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है।

गुजरात में राज्यसभा की चार सीटें खाली थीं और सभी सीटों पर सत्तारूढ़ बीजेपी के उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। नड्डा के अलावा तीन अन्य उम्मीदवार हीरा कारोबारी गोविंदभाई ढोलकिया, भाजपा नेता जसवन्तसिंह परमार और मयंक नायक भी निर्विरोध चुने गए।

लोकसभा सांसद के रूप में 5 कार्यकाल पूरा करने के बाद 77 वर्षीया सोनिया गांधी का राज्यसभा में ये पहला कार्यकाल होगा। साल 1999 में कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने के बाद वह पहली बार सांसद चुनी गईं। वह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बाद राज्यसभा में प्रवेश करने वाली गांधी परिवार की दूसरी सदस्य होंगी। इंदिरा गांधी अगस्त 1964 से फरवरी 1967 तक राज्यसभा की सदस्य थीं।

बता दें कि इससे पहले सोनिया गांधी ने पत्र लिखकर साफ किया था कि वो रायबरेली से अगली बार लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगी। उन्होंने रायबरेली वासियों को भावुक पत्र लिखा था और रायबरेली के साथ-साथ अमेठी की जनता को भी साथ देने के लिए धन्यवाद दिया। सोनिया गांधी ने ये भी बताया था कि सेहत की वजह से वो सक्रिय राजनीति से अलग होना चाहती हैं।

बता दें कि कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और भाजपा के भूपेन्द्र यादव के साथ ही 15 राज्यों से राज्यसभा के कुल 56 सदस्यों का अप्रैल में कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन नेताओं के निर्विरोध चुने जाने के बाद बाकी सीटों के लिए 27 फरवरी को चुनाव होंगे। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 15 फरवरी थी।

राजस्थान से भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा की भी खाली हो गई थी। किरोड़ी लाल मीणा ने विधायक चुने जाने के बाद दिसंबर में सदन से इस्तीफा दे दिया था। राजस्थान में राज्यसभा की 10 सीटें हैं। इन नतीजों के बाद कांग्रेस के पास 6 और बीजेपी के पास 4 सदस्य हैं।

उधर बिहार के भी सभी 6 उम्मीदवार राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। राज्यसभा के लिए बिहार से बीजेपी के दो, आरजेडी के दो, आरजेडी के एक और कांग्रेस से एक उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। सभी को निर्विरोध राज्यसभा का सदस्य चुन लिया गया। बीजेपी की तरफ से भीम सिंह और धर्मशीला गुप्ता ने नामांकन दाखिल किया था, जबकि जेडीयू से संजय झा को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया गया था। वहीं राष्ट्रीय जनता दल से मनोज झा और संजय यादव, कांग्रेस से अखिलेश प्रसाद सिंह ने नॉमिनेशन फाइल किया था।

GBC 4.0: विश्व के नेतृत्व नभ में सबसे दैदीप्यमान नक्षत्र के रूप में दिखाई देते हैं प्रधानमंत्री MODI: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को विकास के पथ पर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं सीएम योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सात वर्षों में उत्तर प्रदेश में इनवेस्टमेंट फ्रेंडली इनवायरमेंट क्रिएट करने की दिशा में किए हैं अनेक प्रयास

बोले- राजनेता और उद्योगपति साफ नीयत के साथ मिलकर काम करें तो राष्ट्र प्रगति करेगा

GBC 4.0: ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 4-0 के उद्घाटन अवसर पर रक्षा मंत्री व लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व व मार्गदर्शन में यूपी समेत पूरा भारत प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि मैं फिर दोहराना चाहता हूं कि किसी भी विचार, घटना या मुद्दे को अलग तरीके से देखने का प्रधानमंत्री का नजरिया आपको बाकी नेताओं से अलग श्रेणी में लाकर खड़ा करता है। जहां पर सामान्य जनप्रतिनिधि आपदा देखता है, वहां प्रधानमंत्री जी का विजन उन्हें अवसर देखने की प्रेरणा देता है। जहां सामान्य जनप्रतिनिधि समस्या देखता है, वहां प्रधानमंत्री जी समाधान की ओर देखते हैं। जहां सामान्य जनप्रतिनिधि त्वरित लाभ की तरफ अपना ध्यान आकर्षित करता है, वहीं पीएम की दूरदर्शिता उन्हें चीजों को दूरगामी दृष्टि से आने वाले हजार साल के दृष्टिकोण से देखने को प्रेरित करती है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री जी विश्व के नेतृत्व नभ में सबसे दैदीप्यमान नक्षत्र के रूप में दिखाई देते हैं।

आपके तीसरे व चौथे कार्यकाल तक इस विकास भवन का शिखर आसमां की बुलंदियों को छुएगा
रक्षा मंत्री ने कहा कि पीएम के नेतृत्व में देश सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास की भावना के साथ प्रगति कर रहा है। समाज का कोई भी वर्ग ऐसा नहीं है, जो खुद को अकेला नहीं पाता हो या किसी क्षेत्र में खुद को पीछे छूटा मानता हो। दस वर्ष में आपने भारत के विकास भवन की जो मजबूत नींव रखी है, उससे जनता को पूर्ण विश्वास है कि आपके तीसरे व चौथे कार्यकाल तक इस विकास भवन का शिखर आसमां की बुलंदियों को छुएगा।

उत्तर प्रदेश को विकास के पथ पर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं सीएम योगी
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में यूपी आज क्रियाशील व प्रभावी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में है, जो उत्तर प्रदेश को विकास के पथ पर बढ़ाने के लिए कमिटेड हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सात वर्षों में उत्तर प्रदेश में इनवेस्टमेंट फ्रेंडली इनवायरमेंट क्रिएट करने की दिशा में जो प्रयास किए हैं, उसकी परिणीति है कि आज उत्तर प्रदेश में यह जीबीसी हो रही है। यह तो सिर्फ शुरुआत है, माननीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन व सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी जिस प्रकार यूपी आगे बढ़ रहा है। यह जीसीबी यूपी में निवेश लाने की दिशा में पॉथ ब्रेकिंग सेरेमनी साबित होगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि आश्वस्त हूं कि यूपी विकास के नए आयाम गढ़ेगा और पीएम के मार्गदर्शन में हम सब मिलकर प्रदेश समेत पूरे देश को वैश्विक पटल पर आगे ले जाएंगे।

राजनेता और उद्योगपति साफ नीयत के साथ मिलकर काम करें तो राष्ट्र प्रगति करेगा
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज का दिन उद्यमी बंधुओं का दिन है। एक समय था, जब जनप्रतिनिधियों व उद्योगपतियों की मुलाकात को बड़े संदेहास्पद दृष्टि से देखा जाता था। किसी भी जनप्रतिनिधि का उद्योगपतियों से मिलना राजनैतिक खतरे की घंटी से कम नहीं माना जाता था। माना जाता था कि राजनेता व उद्योगपतियों का गठजोड़ राष्ट्र के विकास के लिए अच्छा नहीं है। कोई इस ओर ध्यान देने वाला नहीं था कि राजनेता और उद्योगपति साफ नीयत के साथ मिलकर काम करें तो राष्ट्र प्रगति करेगा। यहीं पर किसी सामान्य जनप्रतिनिधि व प्रधानमंत्री में मूल अंतर दिखाई देता है। जब प्रधानमंत्री जी गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे, तबसे यह देश देख रहा है कि किस प्रकार उद्योगपतियों के साथ मिलकर गुजरात में वे बदलाव की ऐसी बयार लेकर आए हैं, जिसकी सुगंध भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया में दूर-दूर तक फैली है। देश के अनेक राज्यों के साथ ही गैर भाजपा शासित राज्य भी विकास के गुजरात मॉडल के साथ आगे बढ़ रहे हैं। आपने उद्योगपतियों व राजनेताओं के बीच के संबंध को संकल्प व राजनीतिक शुचिता के माध्यम से देश के विकास की अनिवार्य शर्त बना दिया है।

GBC 4.0: जीबीसी 4.0 में बोले सीएम योगी- यूपी यानी अनलिमिटेड पोटेंशियल

  • अपनी प्रतिभा को पहचान कर आज सुरक्षा, सुशासन और विकास से जुड़ चुका है उत्तर प्रदेशः मुख्यमंत्री
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चौथी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के शुभारंभ के लिए पीएम मोदी का जताया आभार
  • सीएम ने 10 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए निवेशकों का भी किया स्वागत
  • भारत का अर्थशक्ति पुंज राज्य बन रहा उत्तर प्रदेश : सीएम योगी
  • उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए स्किल, स्केल और स्पीड पर किया फोकसः मुख्यमंत्री
  • सीएम योगी ने कहा – यूपी का ट्रांसफॉर्मेशन, बदलाव और स्पीड विकसित भारत के विकसित उत्तर प्रदेश की नई पहचान
  • आर्थिक समृद्धि के लिए आवश्यक भूमि, जनसंख्या और पूंजी जैसे तत्व आज उत्तर प्रदेश में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैंः योगी
  • नया उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश से उद्यम प्रदेश बनकर भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित उत्तर प्रदेश बनने की ओर अग्रसरः सीएम
  • यूपी में लैंड भी पर्याप्त है, बिजली भी भरपूर है, न मैन पावर की कमी है और न विल पावर का अभाव हैः सीएम योगी आदित्यनाथ

GBC 4.0: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को चौथी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के शुभारंभ के लिए प्रदेश आगमन पर प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और 10 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आए हुए निवेशकों व उद्यमियों का भी स्वागत किया। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि आज यूपी अपनी प्रतिभा और अनलिमिटेड पोटेंशियल को पहचान कर सुरक्षा, सुशासन और विकास से जुड़ चुका है।

सीएम योगी ने कहा कि यह भूमि भगवान श्रीराम की है,गोपेश्वर श्रीकृष्ण की है, बाबा विश्वनाथ की है, ऋषि मुनियों की कृपा भूमि है, मां गंगा, यमुना और सरयू जैसी नदियों का आशीर्वाद भी इसको प्राप्त हुआ है, यह धन्य भूमि है,पुण्य भूमि है, यह उद्यम और उद्यमता की भी भूमि है। आज उत्तर प्रदेश भारत के श्रम शक्ति पुंज को एक अर्थशक्ति पुंज के रूप में बनाने की ओर अग्रसर हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्ष में हमारा देश 11वीं अर्थव्यवस्था से 5वीं अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी जी के तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनेगा, इसमें किसी को कोई संदेह नहीं। यह मोदी जी की गारंटी है, इस पर यूपी को भी यकीन है। इस संकल्प के साथ जुड़ते हुए उत्तर प्रदेश ने स्वयं को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए हमने स्किल, स्केल और स्पीड पर फोकस किया है। आप सभी उद्यमियों का सहयोग मिलता रहा तो यह लक्ष्य निश्चित ही सिद्ध होगा।

यूपी ने वैल्यूज के साथ वैल्यू एडिशन को भी जोड़ा
सीएम योगी ने सबसे पहले अयोध्या में 5 सदी के बाद प्रभु श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा और अबुधाबी में पहले हिंदु मंदिर की स्थापना के लिए पीएम मोदी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रकृति, परमात्मा और प्रतिभा की पुण्य भूमि उत्तर प्रदेश की जनता अपने इस चौथे ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के भव्य आयोजन पर आप सभी का स्वागत और अभिनंदन करती है। हम सभी का सौभाग्य है कि आज जब भारत अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है तब इस ऐतिहासिक कालखंड में हम सभी इसके साक्षी और सहभागी बन पा रहे हैं। हमारा सौभाग्य है कि भारत के अमृतकाल के सारथी के रूप में हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का यशस्वी मार्गदर्शन और नेतृत्व प्राप्त हो रहा है। वर्ष 2018 के प्रथम इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री जी ने लखनऊ में कहा था कि यूपी में वैल्यूज है, वर्च्युज है, लेकिन इस बदले हुए समय में वैल्यू एडिशन की ज्यादा आवश्यकता है। सिर्फ वर्क कल्चर से नहीं, सिर्फ बिजनेस कल्चर से ही नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में यूपी की जो स्ट्रेंथ है उसमें वैल्यू एडिशन की बहुत जरूरत है। आज 6 वर्ष बाद यह कहने में प्रसन्नता हो रही है कि प्रधानमंत्री जी के इन शब्दों को आत्मसात कर उत्तर प्रदेश ने अपनी नीतियां बनाईं, जिसके परिणामस्वरूप 6 वर्ष के भीतर ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का यह चौथा संस्करण आयोजित हो रहा है।

लाखों युवाओं के लिए बढ़ीं रोजगार की संभावनाएं
सीएम योगी ने कहा कि हम सब जानते हैं कि निवेश और औद्योगिक निवेश के बारे में भारतीय मनीषा क्या कहती आई है। आचार्य कौटिल्य ने कहा था कि आर्थिक समृद्धि के लिए तीन तत्वों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। पहली भूमि, दूसरी जनसंख्या और तीसरी पूंजी। यह कहते हुए गौरव की अनुभूति हो रही है कि यह तीनों तत्व आज उत्तर प्रदेश में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। वर्ष 2018 में जब हमने यूपी इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया था, तब हमारी सरकार ने अपना पहला ही वर्ष पूरा किया था,लेकिन ट्रांसफॉर्मेशन के उस शुरुआती चरण में भी आपने प्रदेश पर विश्वास जताया और परिणामस्वरूप 4.28 लाख करोड़ रुपए के प्रस्ताव उत्तर प्रदेश को प्राप्त हुए थे। आप सबके सहयोग से मात्र 5 माह में यानी जुलाई 2018 में पहली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 61 हजार 700 करोड़ के निवेश वाली परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया। जुलाई 19 में दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया, जिसमें 67 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों का शुभारंभ हुआ। कोविड कालखंड के बावजूद तीसरा ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह अन्य दो संस्करणों की तुलना में और भी भव्य था, जिसमें 80 हजार करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया। इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं आगे बढ़ीं।

जीबीसी 4.0 निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने का उत्सव
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निवेश की संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 10-12 फरवरी 2023 के बीच आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की अभूतपूर्व सफलता से आप सभी परिचित हैं और उसके सहभागी रहे हैं। देश और दुनिया के उद्योग जगत ने हम पर विश्वास जताया। हमारी नीतियों पर भरोसा दिखाया और उत्तर प्रदेश को अब तक 40 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। आज इन्हीं निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने का उत्सव है। आज प्रधानमंत्री जी के कर कमलों से 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का भूमि पूजन संपन्न होने जा रहा है। नया उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश से अब उद्यम प्रदेश बनकर भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित भारत के संकल्प में एक विकसित उत्तर प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि यह ट्रांसफॉर्मेशन, ये बदलाव, ये स्पीड विकसित भारत के विकसित उत्तर प्रदेश की नई पहचान है। आपके सहयोगसे क्रियान्वित हो रही ये परियोजनाएं न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है। आज के इस जीबीसी 4 में न केवल औद्योगिकीकरण को गति मिलेगी बल्कि प्रदेश के 34 लाख से अधिक युवाओं के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध करने का अद्भुत अवसर होगा।

यूपी पहचान रहा अपनी प्रतिभा और पोटेंशियल
सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश की विकासगाथा का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 और 2017 के पहले उत्तर प्रदेश के नाम से लोग घबराते थे, आने से कतराते थे। आज वही यूपी अपनी प्रतिभा और अनलिमिटेड पोटेंशियल को पहचान कर सुरक्षा, सुशासन और विकास से जुड़ चुका है। देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में देश की अर्थव्यवस्था में 9.2 प्रतिशत का योगदान कर रहा है। हमारा राज्य आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर अपनी पहचान सशक्त कर रहा है। उत्तर प्रदेश के ट्रांसफॉर्मेशन से आप सभी सुपरिचित हैं। देश का 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे इसी प्रदेश में है। सबसे बड़ा रेल और रोड नेटवर्क भी यहीं पर है। ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन भी इसी उत्तर प्रदेश में है। सबसे ज्यादा एयरपोर्ट वाला प्रदेश भी उत्तर प्रदेश ही है। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है। अभी हाल ही में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए नया एक्सप्रेस बनाने का निर्णय लिया है। ये एक्सप्रेसवे प्रदेश के कोने-कोने में मैन्युफैक्चरिंग के केंद्रों को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान कर रहे हैं। हमारी तैयारी है कि अगले वर्ष की शुरुआत में जब आप प्रयागराज महाकुंभ में स्नान के लिए आएं तो गंगा एक्सप्रेसवे का सुखद अनुभव आपको प्राप्त हो सके।

यूपी में न मैनपावर की कमी है और न विलपावर का अभाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में जल, थल और नभ की बेहतरीन कनेक्टिविटी है। हम सब सौभाग्यशाली हैं कि उत्तर प्रदेश अपने लैंड लॉक स्टेट के बंधन को समाप्त कर चुका है। वाराणसी से हल्दिया तक यूपी पूर्वी बंदरगाह से जलमार्ग से जुड़ चुका है। उत्तर प्रदेश ने इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी का भी गठन किया है। ईज ऑफ बिजनेस और लीड्स रैंकिंग में हम अचीवर स्टेट हैं। यहां लैंड भी पर्याप्त है, बिजली भी भरपूर है। न मैन पावर की कमी है और न विल पावर का अभाव है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस, निवेश मित्र पोर्टल, निवेश सारथी पोर्टल, इन्सेंटिव मॉनीटरिंग सिस्टम के साथ ही प्रदेश की इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली पॉलिसी का परिणाम है कि आज हर निवेशक यहां आना चाहता है। इसमें हर एक व्यक्ति की जवाबदेही है और पारदर्शिता है। उत्तर प्रदेश हर निवेशक का सम्मान करता है। अब तो लोग कहने लग गए हैं कि सुरक्षित निवेश यानि उत्तर प्रदेश। एक अभिनव प्रयास करते हुए हमारी सरकार ने प्रदेश में एफडीआई और फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनियों के निवेश को आकर्षित करने के लिए भी एक समर्पित नीति घोषित की है। किसी भी राज्य द्वारा बड़े पैमाने पर वैश्विक निवेश को आकर्षित करने का यह अपनी तरह पहला प्रयास है। इसका लाभ आप लोग अवश्य लेंगे।

इस अवसर पर पीएम मोदी के साथ ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, विभिन्न देशों के राजदूत, उच्चायुक्त, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मंत्रीगण, शासन और प्रशासन के अधिकारी, प्रतिष्ठित निवेशक और उद्यमी बंधु उपस्थित रहे।

पीएम के मार्गदर्शन व सीएम के नेतृत्व में देश का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है यूपीः नंद गोपाल ‘नंदी’
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने जीसीबी 4.0 के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री समेत समस्त अतिथियों, आगंतुकों व निवेशकों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन उत्तर प्रदेश के लिए विशेष है। आज का सुबह नया सवेरा लेकर आया है। आज हम सभी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास की यात्रा के ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं। यूपी की यह चौथी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का स्वर्णिम आयोजन है, जो भावी पीढ़ी का भविष्य उज्ज्वल व सुनहरा बनाएगी। पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि इस सरकार के दो मजबूत पहिए हैं, जो यूपी के विकास की यात्रा की गाड़ी को दोगुनी रफ्तार प्रदान कर रहे हैं। एक पहिया विकास का है तो दूसरा विरासत का। अभी 22 जनवरी को पूरी दुनिया ने भारतीय संस्कृति के उत्थान का महापर्व देखा है और आज 19 फरवरी को औद्योगिक प्रगति का महाकुंभ संपन्न हो रहा है। नंदी ने कहा कि उद्योग की स्थापना व निवेश को आकर्षित करने के लिए सबसे बुनियादी आवश्यकता होती है विश्वसनीयता। जब कथनी व करनी एक हो, तभी निवेशकों का भरोसा अर्जित किया जा सकता है।

GBC 4.0: यूपी में बना है व्यापार, विकास और विश्वास का माहौल : प्रधानमंत्री MODI

  • जीबीसी 4.0 का प्रधानमंत्री मोदी ने किया उद्घाटन
  • रिमोट का बटन दबाकर प्रधानमंत्री ने किया 10 लाख करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ
  • प्रधानमंत्री ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ
  • प्रदर्शनी में लगाए गये स्टॉलों का प्रधानमंत्री ने किया अवलोकन
  • मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीगणेश की मूर्ति भेंट कर प्रधानमंत्री का किया स्वागत-अभिनंदन
  • बोले प्रधानमंत्री – देश के हर राज्य को उत्तर प्रदेश से सीखना चाहिए
  • यूपी में उद्योग जगत के लिए अनंत अवसर की बेला : पीएम मोदी

GBC 4.0: मुझे यूपी के सामर्थ और डबल इंजन सरकार के परिश्रम पर पूरा विश्वास है। मैं योगी जी को विशेष बधाई देता हूं। हर हिन्दुस्तानी को गर्व होता है कि यूपी ने ठान लिया है कि वो एक ट्रिलियन डालर की इकोनॉमी बनेगा। देश के सभी राजनीतिक दल से कहूंगा कि राजनीति छोड़िए और यूपी से सीखिए। आप कितने ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी अपने राज्य को बनाएंगे, ये संकल्प करके मैदान में आइए। देश तभी आगे बढ़ेगा जब यूपी की तरह हर राज्य बड़े सपने और संकल्प लेकर चल पड़ेगा। उद्योग जगत के साथियों के लिए यूपी में अनंत अवसर की बेला है। आपने कभी सोचा नहीं होगा उतनी तेजी से यूपी अपने सारे संकल्पों को पूरा कर रहा है। ये बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के चौथे संस्करण के उद्घाटन समारोह के दौरान कही। प्रधानमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक की 14 हजार से ज्यादा परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने चलचित्र के माध्यम से बदलते उत्तर प्रदेश की झलक भी देखी।

यूपी की तस्वीर बदल देंगे उद्योग
अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि सात वर्ष पहले हम सोच भी नहीं सकते थे कि यूपी में निवेश और नौकरियों को लेकर ऐसा माहौल बनेगा। पहले चारों तरफ अपराध, दंगे, छीनाझपटी यही खबरें आती रहती थीं। उस दौरान अगर कोई कहता कि यूपी को विकसित बनाएंगे तो शायद कोई सुनने को भी तैयार नहीं होता। आज लाखों करोड़ का निवेश उत्तर प्रदेश में उतर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में हजारों प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो रहा है। ये उद्योग यूपी की तस्वीर बदलने वाले हैं। उत्तर प्रदेश में बीते सात साल में रेड टेप कल्चर को खत्म करके रेड कार्पेट कल्चर का माहौल बना है। यूपी में ना केवल क्राइम कम हुआ है, बल्कि बिजनेस कल्चर का विस्तार भी हुआ है। बीते सात साल में यूपी में व्यापार, विकास और विश्वास का माहौल बना है। यहां आए सभी निवेशकों के बीच आशावाद दिख रहा है। डबल इंजन सरकार ने दिखाया है कि अगर बदलाव की सच्ची नीयत है तो उसे कोई रोक नहीं सकता। बीते कुछ वर्षों में यूपी से होने वाला एक्सपोर्ट दोगुना हो चुका है। यूपी वो राज्य है जहां देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे हैं। यहां सबसे ज्यादा इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। यहां देश की पहली रैपिड रेल चल रही है। वेस्टर्न और ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का बड़ा नेटवर्क यूपी से गुजरता है। नदियों के नेटवर्क का भी मालवाहक जहाजों के लिए उपयोग किया जा रहा है। ट्रांसपोर्टेशन सस्ता हुआ है।

पूरी दुनिया भारत को बेहतर रिटर्न की गारंटी मान रही
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को लेकर पूरी दुनिया में अभूतपूर्व पॉजिटिविटी दिख रही है। पीएम मोदी ने कतर और यूएई की यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि हर देश भारत के विकास को लेकर आश्वस्त और भरोसे से भरा हुआ है। पूरी दुनिया भारत को बेहतर रिटर्न की गारंटी मान रही है। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि चुनाव नजदीक होने पर लोग नये निवेश से बचते हैं। लेकिन आज उत्तर प्रदेश में सोच भी तोड़ दी है। दुनियाभर के इन्वेस्टर्स को सरकार की पॉलिसी और स्टेबिलिटी पर पूरा भरोसा है। ये विश्वास लखनऊ में झलक रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में जिस प्रकार की सोच आजादी के बाद से अनेक दशकों तक रही है उसपर चलते हुए ये परिवर्तन संभव ही नहीं था। तब की सरकारों की सोच थी कि देश के नागरिकों का जैसे तैसे गुजारा कराओ। उन्हे हर मूलभूत सुविधा के लिए तरसा के रखो। पहले की सरकारें केवल चुनिंदा शहरों में अवसर उपलब्ध कराती थीं, जिसके कारण देश का बड़ा हिस्सा विकास से वंचित रह गया। डबल इंजन सरकार ने पुरानी राजनीतिक सोच को बदल कर रख दिया है। हम हर नागरिक के जीवन को आसान बनाने में जुटे हैं। जीवन आसान होगा तो निवेश और कारोबार करना भी आसान होगा।

देश के लिए काम करने से भी देश की सेवा होती है
प्रधानमंत्री ने विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि सरकार जब अपनी तरफ से लाभार्थियों को लाभ पहुचाती है, तो यही सच्चा अर्थ में सामाजिक न्याय और सच्चा सेक्युलरिज्म होता है। पहले भ्रष्टाचार और भेदभाव के चलते लोगों को योजनाओं का लाभ पाने के लिए लंबी लाइन लगानी होती थी। एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर में दौड़ना होता था। मोदी की गारंटी है कि जबतक हर लाभार्थी को उसका हक नहीं मिलता, हमारी सरकार शांत नहीं बैठेगी। यही वो समाजिक न्याय है, जिसका सपना जेपी और लोहिया ने देखा था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की योजनाएं सामाजिक न्याय और अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल भगत सिंह की तरह फांसी पर लटकने से ही देश की सेवा होती है, ऐसा नहीं है। देश के लिए काम करने से भी देश की सेवा होती है।

उत्तर प्रदेश में पर्यटन हब बनने का सामर्थ्य
प्रधानमंत्री ने लखपति दीदी योजना, पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना की भी विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण और शहरी मध्यम वर्ग की खरीद शक्ति बढ़ी है। उन्होंने एमएसएमई को यूपी की ताकत बताया। साथ ही ओडीओपी और पीएम श्रम सम्मान योजना की भी चर्चा करी। प्रधानमंत्री ने काशी की चर्चा करते हुए कहा कि वहां का सांसद होने के नाते काशी के लकड़ी के खिलौनों को हमेशा प्रमोट करता हूं। भारत में खिलौना कारोबार की बहुत समृद्ध परंपरा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन हब बनने का सामर्थ्य है। लाखों लोग काशी और अयोध्या आ रहे हैं। टूरिज्म सेक्टर से जुड़े उद्योगों के लिए ये सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि 2025 में यूपी में कुंभ का आयोजन होगा, ये यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण अवसर होगा। प्रधानमंत्री ने सौर ऊर्जा की चर्चा करते हुए कहा कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से ना केवल देशवासियों को मुफ्त बिजली मिलेगी, बल्कि अतिरिक्त बिजली कमाई का साधन भी बनेगी। इस क्षेत्र में इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस और सप्लाई चेन में लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

कांग्रेस के लोग भारत रत्न पर एक ही परिवार का हक समझते हैं
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने कुछ ही दिन पहले किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न प्रदान किया है। दुभार्ग्य से ये बात कांग्रेस और उसके सहयोगियों को समझ में नहीं आती। कांग्रेस के लोग भारत रत्न पर एक ही परिवार का हक समझते हैं। दशकों तक बाबा साहब को भारत रत्न नहीं दिया गया। ये लोग केवल अपने परिवार को भारत रत्न देते रहे हैं।

दुनिया की हर डाइनिंग टेबल पर होना चाहिए भारत का खाद्य उत्पाद
प्रधानमंत्री ने फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्यमियों का आह्वान किया कि उन्हें संकल्प लेना चाहिए कि दुनिया के हर डायनिंग टेबल पर मेक इंन इंडिया का प्रोडक्ट जरूर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मिलेट्स को लेकर नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। इस सुपर फूड में इन्वेस्टमेंट का अच्छा अवसर है। सरकार छोटे छोटे किसानों को बाजार की बड़ी ताकत बनाना चाहती है। जितना फायदा किसान और मिट्टी को होगा उतना ही फायदा फूड प्रॉसेसिंग से जुड़े उद्यम को भी होगा।

पीएम ने किया प्रदर्शनी का शुभारंभ
इससे पहले प्रधानमंत्री ने यहां आयोजित विभिन्न उद्योग समूहों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का शुभारंभ और अवलोकन किया। इस दौरान उनके साथ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदितयनाथ भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदितयनाथ ने प्रधानमंत्री को भगवान गणेश की मूर्ति भेंट कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।

इस अवसर पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, डिप्टी सीएम, विधानसभा अध्यक्ष, विधानपरिषद् के सभापति, औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

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बिरजू महाराज कथक संस्थान की ओर से राम स्तुति पर होगी नृत्य नाटिका

14 मंचों पर 350 से अधिक कलाकार महकाएंगे यूपी की संस्कृति की खुशबू

GBC4.0: ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी-4.0) में आने वाले आगंतुक यूपी की संस्कृति का भी दीदार करेंगे। एयरपोर्ट से लेकर आयोजन स्थल इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (आईजीपी) तक 14 मंच बनाए जाएंगे, जिसमें लगभग 350 से अधिक कलाकार यूपी के विभिन्न लोकनृत्यों के जरिए आगंतुकों का स्वागत करेंगे। आईजीपी में दो दिन तक बॉलीवुड कलाकार भी धमाल मचाएंगे तो बिरजू महाराज कथक संस्थान की ओर से राम स्तुति पर नृत्य नाटिका भी होगी। उप्र संस्कृति विभाग ने आयोजन को लेकर अपनी तैयारी पूरी कर ली है।

आईजीपी में बॉलीवुड कलाकार मचाएंगे धमाल
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 19-20 फरवरी को बॉलीवुड कलाकार की प्रस्तुतियां दर्शकों को खूब झूमाएंगी। 19 को बिरजू महाराज कथक संस्थान के 12कलाकार कथक नृत्य नाटिका पर श्रीराम स्तुति की प्रस्तुति देगी। दर्शक मुंबई की पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर के गीतों का आनंद उठाएंगे। वहीं 20 फरवरी को ग्रैमी अवार्ड विजेता रिक्की केज की बैंड प्रस्तुति का आनंद भी दर्शक ले सकेंगे। रसिका शेखर की बांसुरी की धुन भी दर्शकों को आकर्षित करेगी।

एयरपोर्ट से आईजीपी तक बनेंगे 14 मंच
उप्र संस्कृति विभाग की तरफ से एयरपोर्ट से आईजीपी तक कुल 14 मंच बनाए जाएंगे। यह मंच एयरपोर्ट, एयरपोर्ट महानिदेशालय के सामने, एयरपोर्ट से शहीद पथ पर जोड़ने वाले फ्लाईओवर, शहीद पथ पर शहीदों की मूर्ति के सामने, 1090 चौराहा, वूमेन पावर लाइन, समतामूलक चौक अपट्रॉन के बाईं ओर, संगीत नाटक अकादमी की वाल पर फन मॉल के सामने पैदल पथ फ्लाईओवर के नीचे बाईं-दाईं तरफ, लोहिया पथ से आईजीपी जाने वाले फ्लाईओवर से पहले बाईं ओर, आईजीपी के गेट नंबर-एक व दो समेत कई मंच बनाए जाएंगे।

350 से अधिक कलाकार कराएंगे यूपी की संस्कृति का दीदार
19 फरवरी को कलाकारों के 22 दल के 350 से अधिक कलाकारों की प्रस्तुति लखनऊ शहर में बने विभिन्न मंचों पर होगी। इसमें मथुरा के राजेश शर्मा व जागृति पाल मयूर लोकनृत्य, अयोध्या के विजय यादव-शीतला प्रसाद वर्मा फरुवाही लोकनृत्य, प्रकृति यादव अवधी लोकनृत्य, राजेश गौड़ व आजमगढ़ के सतीश कुमार कहरवा लोकनृत्य पर प्रस्तुति देंगे। उमेश कन्नौजिया, गाजीपुर के सल्टूराम धोबिया लोकनृत्य, प्रयागराज की प्रीति सिंह व कृति श्रीवास्तव टीम ढेढ़िया लोकनृत्य, झांसी के निशांत सिंह भदौरिया व इमरान खान राई, मथुरा के खजान सिंह व महिपाल सिंह टीम के साथ बमरसिया लोकनृत्य पर प्रस्तुति देंगे। दिवारी-पाईडंडा लोकनृत्य पर महोबा के लखन लाल यादव- बांदा के अखिलेश यादव प्रस्तुति देंगे। सोनभद्र के कतवारू जनजाति लोकनृत्य व सोनभद्र की आशा कुमारी झूमर लोकनृत्य, संतोष सिंघा आदिवासी लोकनृत्य, पीलीभीत के बंटी राणा थारू लोकनृत्य पर विभिन्न मंचों पर अपनी प्रस्तुति देंगे।

GBC 4.0: दस लाख करोड़ की 14 हजार परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे पीएम मोदी

सोमवार, 19 फरवरी को राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में जीबीसी 4.0 के भव्य कार्यक्रम का आयोजन

  • पीएम मोदी करेंगे परियोजनाओं का शुभारंभ, सीएम योगी के साथ प्रदर्शनी का भी करेंगे अवलोकन
  • देश और दुनिया के तकरीबन 4000 प्रतिभागी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 4.0 में करेंगे प्रतिभाग
  • दिग्गज उद्योगपति, फॉर्च्यून ग्लोबल/इण्डिया 500 कंपनियां, विदेशी निवेशक भागीदार, राजदूत, उच्चायुक्त एवं अन्य प्रतिष्ठित अतिथि होंगे सम्मिलित
  • यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के योगी सरकार के संकल्प के लिए मील का पत्थर होगा जीबीसी 4.0
  • 10 लाख करोड़ से ज्यादा की निवेश परियोजनाओं की शुरुआत से प्रदेश में सृजित होंगे करीब 34 लाख रोजगार
  • प्रदेश के सभी हिस्सों तक पहुंचेगा निवेश, पश्चिमांचल में सर्वाधिक 52 प्रतिशत निवेश परियोजनाओं की होगी शुरुआत

GBC 4.0: उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार के लिए सोमवार 19 फरवरी का दिन बहुत महत्वपूर्ण होने जा रहा है। सोमवार को राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी 4.0) के जरिए प्रदेश भर में 10 लाख करोड़ से ज्यादा की 14 हजार से अधिक परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही प्रदेश में करीब 34 लाख रोजगार के अवसरों की संभावनाओं के द्वारा भी खुल जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी सीएम योगी के साथ यहां आयोजित होने वाली प्रदर्शनी का भी अवलोकन करेंगे। साथ ही मुख्य जीबीसी हैंगर में वो प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए इन परियोजनाओं की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं देंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 10 से 12 फरवरी के मध्य ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन हुआ था। उसके करीब एक वर्ष बाद 19-21 फरवरी के बीच ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 4.0 का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पीएम मोदी समेत तमाम वीआईपी शामिल होंगे।

लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाएगा उत्तर प्रदेश
22 जनवरी को अयोध्या में प्रभु श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद योगी सरकार के लिए यह एक और बड़ा अवसर है, जब पूरी दुनिया की नजरें उत्तर प्रदेश की ओर लगी होंगी। पीएम मोदी के मार्गदर्शन और सीएम योगी के नेतृत्व में इन परियोजनाओं की शुरुआत से उत्तर प्रदेश सरकार अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाएगी। आयोजन के शुभारंभ के अवसर पर पीएम मोदी सरकार की उपलब्धियों की जानकारी देंगे तो साथ ही निवेशकों को सफलता के मंत्र भी बताएंगे। इस अवसर पर सीएम योगी भी उत्तर प्रदेश में उद्योगों के अनुरूप माहौल के साथ ही भविष्य की योजनाओं को लेकर अपनी बात रखेंगे। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी पीएम मोदी का स्वागत करेंगे, जबकि हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन धीरज हिंदुजा, सैमसंग, साउथ वेस्ट एशिया के सीईओ जेपी पार्क, आईएनजीकेए के सीईओ सुसैन पल्वरर, टोरेंट ग्रुप के एमडी जीनल मेहता और एडवर्ब टेक्नोलॉजीज के चेयरमैन जलज मेहता भी प्रदेश में औद्योगिक विकास की उपलब्धियों के विषय में अपने विचार रखेंगे। भारत सरकार के रक्षा मंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह भी यहां अपने विचार रखेंगे, जिसके बाद पीएम मोदी परियोजनाओं को डिजिटल ग्राउंड ब्रेकिंग के माध्यम से शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर पीएम को प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई जाएगी।

आयोजन की सभी तैयारियां पूरी
आयोजन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। दो दिन पहले ही सीएम योगी ने तैयारियों का जायजा भी लिया था और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए थे। कार्यक्रम में दुनिया भर के तकरीबन 4000 प्रतिभागियों के प्रतिभाग करने की संभावना है, जिसमें जाने माने उद्योगपति, फॉर्च्यून ग्लोबल/इण्डिया 500 कंपनियां, विदेशी निवेशक भागीदार, राजदूत/उच्चायुक्त एवं अन्य प्रतिष्ठित अतिथि सम्मिलित हैं। ऐसे में कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए इन्वेस्ट यूपी द्वारा अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। इसमें विशिष्ट अतिथियों के होटल अरेंजमेंट के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जबकि एयरपोर्ट, हेल्प डेस्क, व्हीकल अरेंजमेंट, पार्किंग के साथ ही रजिस्ट्रेशन के लिए भी प्रमुख लोगों को नियुक्त किया गया है। आने वाले डेलीगेट्स को गोल्ड, सिल्वर और रेड पास उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदर्शनी स्थल पर 10 अलग-अलग पवेलियन बनाए गए हैं, जिनमें एआई पवेलियन, टेक्सटाइल, डाटा सेंटर/इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी, वेयरहाउस एंड लॉजिस्टिक्स, फिल्म सिटी, इन्वेस्ट यूपी/टॉप इन्वेस्टर्स, मेडिकल डिवाइसेज, ईवी एंड रिन्यूएबल एनर्जी और डिफेंस/एयरोस्पेस शामिल हैं। आयोजन में स्टील के शिपिंग कंटेनर्स को बेस बनाकर जर्मन हैंगर बनाए गए हैं। साथ ही यहां श्रीराम जन्मभूमि मंदिर समेत डिफेंस के तमाम इक्विप्मेंट्स के 3डी रेप्लिका मॉडल्स को दर्शाया जाएगा। इसके साथ ही यीडा क्षेत्र में बनने जा रही फिल्म सिटी की भी पहली झलक यहां देखने को मिलेगी।

‘बदलते यूपी’ की झलक दिखाएंगे सेक्टोरल सेशन व प्रदर्शनी
19 फरवरी को जीबीसी के उद्घाटन के साथ ही भव्य प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें 9 से ज्यादा विशेष सेक्टर्स को शोकेस किया जाएगा। 1250 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में 3 दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इसमें एआई पवेलियन, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग, डिफेंस एवं एयरोस्पेस, डेटा सेंटर/इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, ईवी एवं नवीकरणीय ऊर्जा, फिल्म सिटी, मेडिकल इक्विप्मेंट्स व ओडीओपी प्रमुख हैं। साथ ही सेक्टोरल सेशंस का भी आयोजन होगा जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) व कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रूपरेखा को दर्शाया जाएगा।

पूरे प्रदेश में बहेगी निवेश की बयार
जीबीसी के जरिए प्रदेश में 10,23,537 करोड़ की 14,619 परियोजनाओं का शुभारंभ होने जा रहा है। सबसे खास बात ये है कि प्रदेश के सभी हिस्सों और जनपदों में ये निवेश होगा। इसके अंतर्गत सर्वाधिक 52 प्रतिशत निवेश परियोजनाओं की शुरुआत प्रदेश के पश्चिमांचल हिस्से में होगी। वहीं पूर्वांचल में 29 प्रतिशत, मध्यांचल में 14 प्रतिशत और बुंदेलखंड में 5 प्रतिशत निवेश परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में निवेश परियोजनाओं की शुरुआत होगी। इसमें 19 जिले तो ऐसे हैं जिन्होंने निवेश लक्ष्य का शत प्रतिशत से भी ज्यादा हासिल किया। इसमें एटा ने 354 प्रतिशत, सीतापुर ने 145 प्रतिशत, शाहजहांपुर ने 127 प्रतिशत, सोनभद्र ने 121 प्रतिशत, चंदौली ने 117 प्रतिशत, मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद ने 114 प्रतिशत, मीरजापुर ने 113 प्रतिशत, हरदोई ने 111 प्रतिशत, अमेठी ने 108 प्रतिशत, बाराबंकी ने 108 प्रतिशत, फतेहपुर, गोंडा ने 105 प्रतिशत, बरेली ने 104 प्रतिशत, रामपुर ने 103 प्रतिशत, बहराइच ने 101 प्रतिशत और लखीमपुर खीरी, भदोही व बिजनौर ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है।

सभी सेक्टर्स में हो रहा निवेश
अधिकांश 19.24 प्रतिशत निवेश आवास में होना निर्धारित है। इसके अलावा 15 प्रतिशत निवेश रिन्यूएबल एनर्जी में, 13 प्रतिशत मैन्युफैक्चरिंग में, 10 प्रतिशत आईटी एवं आईटी आधारित सेवाओं में, 7.83 प्रतिशत लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग में, 7.5 प्रतिशत ऊर्जा में, 6.01 प्रतिशत फूड प्रॉसेसिंग में, 5.27 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में, 2.96 प्रतिशत शिक्षा में स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही, कृषि (0.37%), पशुपालन (0.25%), ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक वाहन (0.33%), जैव ईंधन/बायोमास (0.82%), डेयरी (1.04%), डिफेंस एवं एयरोस्पेस (0.55%), डिस्टलरीज (0.84%), वित्तीय सेवाएं (0.12%), खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति (1.08%), स्वास्थ्य सेवाएं (2.73%), आतिथ्य एवं मनोरंजन (2.78%), अवस्थापना (0.02%), टेक्सटाइल एवं हथकरघा (1.28%), काष्ठ आधारित उद्योग (1.00%) और अन्य क्षेत्र (0.11%) में भी निवेश परियोजनाओं की शुरुआत होगी।

16 विभागों ने प्राप्त किया शत प्रतिशत लक्ष्य
37 विभागों के माध्यम से प्रदेश में 10 लाख करोड़ से अधिक की जो परियोजनाएं शुरू हो रही हैं, उसमें 37 विभाग अपना योगदान दे रहे हैं। इनमें 16 विभाग ऐसे हैं जिन्होंने 100 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य हासिल किया है। इसमें बेसिक शिक्षा विभाग ने 888 प्रतिशत, फूड एंड सिविल सप्लाई (226%), वन विभाग (182%), आयुष (173%), पशुपालन (167%), ऊर्जा (165%), माध्यमिक शिक्षा (139%), तकनीकी शिक्षा (133%), उद्यान (120%), अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत (114%), केन डेवलपमेंट एंड शुगर इंडस्ट्री (112%), चिकित्सा शिक्षा (110%), स्वास्थ्य (105%), यीडा (103%), नागरिक उड्डयन (100%) और जीनीडा (100%) शामिल हैं।

पहले हो चुकी हैं 3 जीबीसी
यह योगी सरकार का चौथा ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह है। इससे पहले योगी सरकार तीन ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित कर चुकी है, जिसके माध्यम से प्रदेश में 2.10 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश धरातल पर उतारा गया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने फरवरी-2018 में पहली बार यूपी इन्वेस्टर्स समिट का सफलतापूर्वक आयोजन किया था। समिट में 4.28 लाख करोड़ रुपए के 1,045 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे। इसके बाद जुलाई-2018 में प्रथम ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह तथा जुलाई 2019 में दूसरा ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह आयोजित किया गया, जिसमें क्रमशः 61,792 करोड़ रुपए के निवेश वाली 81 परियोजनाओं तथा 67,202 करोड़ रुपए के निवेश वाली लगभग 290 परियोजनाओं का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया। जून 2022 में, ग्राउंड-ब्रेकिंग समारोह के तीसरे संस्करण का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 80,000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश वाली 1,400 से अधिक परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया।